इस्लामाबाद में एक बहादुर ऑफिसर ने एक महिला की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी. पाकिस्तान एयर फोर्स के ग्रुप कैप्टन Asim Tariq ने एक महिला को अपहरण से बचाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान हमलावर ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

यह घटना 17 जुलाई 2024 को सुबह करीब 11:21 बजे Ninth Avenue के Shaheen Chowk के पास हुई. ग्रुप कैप्टन Asim Tariq ने देखा कि एक शख्स जबरदस्ती एक महिला, जिसका नाम Nimra है, को मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रोकी और महिला को सुरक्षित करने के लिए बीच में आ गए. इसी बीच आरोपी ने उन पर गोली चला दी.

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

इस्लामाबाद पुलिस ने बहुत तेजी से काम किया और घटना के 9 घंटे के भीतर आरोपी Saad Abbasi को गिरफ्तार कर लिया. 20 साल का यह युवक Abbottabad का रहने वाला है और उसी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर काम करता था जहां Nimra भी काम करती थी. महिला ने बताया कि Saad ने उसे लिफ्ट देने का झांसा दिया और फिर जबरदस्ती दूसरी जगह ले जाने लगा.

IGP Syed Ali Nasir Rizvi ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए 11 टीमें बनाई गई थीं. पुलिस ने Safe City कैमरों, AI टेक्नोलॉजी और डिजिटल सर्विलांस का इस्तेमाल किया. आरोपी ने कपड़े बदलकर और फोन बंद करके बचने की कोशिश की थी, लेकिन वह पकड़ा गया. शुरुआती जांच में पता चला है कि उसने पहले भी एक महिला के साथ ऐसी ही हरकत की थी.

अधिकारियों के बयान

  • IGP Syed Ali Nasir Rizvi: उन्होंने ग्रुप कैप्टन Asim Tariq की बहादुरी और नागरिक जिम्मेदारी की तारीफ की और जल्द इंसाफ दिलाने का वादा किया.
  • पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF): प्रवक्ता ने ग्रुप कैप्टन Tariq की शहादत की पुष्टि की है.
  • इंटीरियर मिनिस्टर Mohsin Naqvi: उन्होंने परिवार के प्रति दुख जताया और पुलिस को जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

ग्रुप कैप्टन Asim Tariq अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और एक बेटे को छोड़ गए हैं. इस घटना के बाद राजधानी इस्लामाबाद में आम लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.