दोपहर का वक्त। जब सैकड़ों पर्यटक पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में घुड़सवारी, मैगी और मस्ती में डूबे हुए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि वहां की हरियाली खून से लाल हो जाएगी। लेकिन उसी वक्त, पुलिस की वर्दी में छिपे हैवानों ने घाटी में उतरते ही टूरिस्ट्स पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।

करीब 50 राउंड गोलियां, चीख-पुकार, और खून से सनी घास। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आतंकियों ने सबसे पहले पर्यटकों से नाम पूछा – और जैसे ही हिंदू नाम सुना, फायरिंग शुरू कर दी।

➡️ 28 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका,
➡️ 10 घायल,
➡️ पहलगाम की जन्नत, पल भर में जहन्नुम बन गई।


🎯 हमला या धर्म के नाम पर नरसंहार?

बेसरन घाटी, जिसे लोग मिनी स्विट्जरलैंड कहते हैं, अब एक मिनी नरसंहार स्थल बन गई है। कैमरे पर घायल पर्यटकों ने कहा –

“हम मैगी खा रहे थे, तभी कुछ लोग आए, वर्दी में थे… नाम पूछा… और फिर गोलियां चलने लगीं।”

👉 आतंकियों ने घुड़सवारी कर रहे टूरिस्ट ग्रुप को टारगेट किया।
👉 लश्कर समर्थित TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
👉 हमलावर पुलिस की वर्दी में थे – ताकि किसी को शक न हो।


🧨 केंद्र सरकार एक्शन में – अमित शाह की इमरजेंसी मीटिंग

घटना की सूचना मिलते ही गृहमंत्री अमित शाह ने सीधे PM मोदी से बात की और तत्काल आपात बैठक बुलाई। वो खुद श्रीनगर रवाना हो चुके हैं। पीएम मोदी, जो इस समय सऊदी अरब दौरे पर हैं, ने एक्स पर लिखा:

“इस जघन्य कृत्य के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा।”


🧾 घायलों की सूची – हर कोना काँप उठा

नाम राज्य
विनो भट्ट गुजरात
माणिक पाटिल
रिनो पांडे
एस. बालचंद्रु महाराष्ट्र
डॉ. परमेश्वर
अभिजवन राव कर्नाटक
अभिजावम राव कर्नाटक
संतरू तमिलनाडु
साहसी कुमारी उड़ीसा

🌍 दुनिया की नजरें भारत पर

इस आतंकी हमले का समय बेहद संवेदनशील है — अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत में हैं, और जम्मू-कश्मीर चुनाव की आहट तेज है।

क्या ये हमला सिर्फ टूरिज्म को नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को लहूलुहान करने की कोशिश है?