Pahalgam Attack Anniversary: पाकिस्तान के लिए आतंकवाद है ‘रोजी-रोटी’, Senge Sering ने सैन्य नीति पर उठाए सवाल
Pahalgam terror attack की दूसरी बरसी आने वाली है. इस मौके पर Institute for Gilgit-Baltistan Studies के प्रेसिडेंट Senge Sering ने पाकिस्तान की सैन्य और विदेशी नीति पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद पाकिस्तान की सरकार और सेना के कामकाज का हिस्सा बन चुका है और वे इसे अपनी रोजी-रोटी की तरह इस्तेमाल करते हैं.
Pahalgam हमला क्या था और किसने किया?
यह हमला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था. इस घटना में कुल 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 टूरिस्ट और एक स्थानीय निवासी शामिल थे. हमलावरों ने धर्म के आधार पर हिंदू टूरिस्टों को अलग किया और उन्हें निशाना बनाया. जांच में इस हमले के पीछे Lashkar-e-Taiba (LeT) और उसके सहयोगी The Resistance Front (TRF) का हाथ सामने आया.
भारत और दुनिया ने क्या कदम उठाए?
प्रधानमंत्री Narendra Modi और LG Manoj Sinha ने इस हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे एक कायराना हमला बताया. UN और कॉमनवेल्थ ने भी इस घटना पर दुख जताया था. जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ‘Operation Sindoor’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और PoJK में आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया.
घटना से जुड़े मुख्य विवरण
| तारीख | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 22 अप्रैल 2025 | पहलगाम में आतंकी हमला हुआ |
| 23 अप्रैल 2025 | सुप्रीम कोर्ट ने हमले की निंदा में प्रस्ताव पास किया |
| 7 मई 2025 | भारत ने ‘Operation Sindoor’ शुरू किया |
| 10 मई 2025 | भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हुआ |
| 20 अप्रैल 2026 | Senge Sering ने पाकिस्तान की नीति की आलोचना की |
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के एक साल बाद अब पहलगाम फिर से सामान्य हो रहा है. वहां टूरिस्टों की भीड़ फिर से बढ़ने लगी है और लोग डर के साये से बाहर निकल रहे हैं.