Pahalgam में हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर एक्सपर्ट Baseer Naveed ने बताया कि आतंकी हमलावरों ने लोगों को उनकी पहचान के आधार पर चुनकर निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने बस से लोगों को उतारा और फिर यह देखा कि कौन हिंदू है और कौन मुसलमान, जिसके बाद हमला किया गया।

पहलगाम हमले में आतंकियों ने कैसे किया निशाना?

Baseer Naveed ने बताया कि इस तरह के हमले एक तय पैटर्न पर किए जाते हैं। आतंकियों ने पहले लोगों की पहचान की और फिर उन्हें मारा। ऐसा ही तरीका पहले पाकिस्तान के कुर्रम डिस्ट्रिक्ट और बलूचिस्तान प्रांत में भी देखा गया था, जहां जातीय और धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाया गया था। Naveed का यह भी कहना है कि इन हमलों को सिखाने वाले ट्रेनर एक ही हैं।

क्या था हमला और भारत ने क्या कदम उठाए?

यह हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे। मरने वालों में ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे, साथ ही एक ईसाई पर्यटक और एक स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति भी शामिल था। भारत सरकार ने इसके जवाब में Operation Sindoor चलाया और पाकिस्तान व PoK में आतंकी ठिकानों को तबाह किया। भारत ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित किया और पाकिस्तानी राजनयिकों को बाहर निकाल दिया।

कौन थे हमलावर और कहां से थे ताल्लुक?

NIA की जांच में पता चला कि हमला करने वाले तीन आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे, जो Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े थे। इनके नाम Suleman Shah, Abu Hamza और Yasi थे। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि आतंकियों के पास से पाकिस्तानी सरकारी दस्तावेज़ मिले थे। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड Sajid Jatt बताया गया है, जो पाकिस्तान में बैठकर यह सब कंट्रोल कर रहा था।

Sushma Kumari

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