Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पर्यटकों ने दी श्रद्धांजलि, बोले कोई ताकत कश्मीर को नहीं बांट सकती
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर बुधवार को पर्यटकों ने पीड़ितों को याद किया। बंडीपोरा के गुरेज इलाके में रज़दान पास पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और उन 26 लोगों को श्रद्धांजलि दी जो पिछले साल इस कायराना हमले में मारे गए थे। पर्यटकों ने कहा कि आतंकवाद उन्हें डरा नहीं सकता और कश्मीर की एकता हमेशा बनी रहेगी।
पर्यटकों ने कैसे दी श्रद्धांजलि और क्या कहा
22 अप्रैल 2026 को पर्यटकों, टूर गाइडों और ड्राइवरों ने रज़दान पास पर मौन रखकर प्रार्थना की। लोगों ने कहा कि हमले के घाव अभी भी गहरे हैं, लेकिन कश्मीर की खूबसूरती और यहां के लोगों का प्यार आतंकवाद से कहीं ज़्यादा बड़ा है। पर्यटकों ने यह भी बताया कि उन्हें कश्मीर में सुरक्षित महसूस हो रहा है और स्थानीय लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा है।
सरकार और सेना ने क्या कार्रवाई की
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस मौके पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा। भारतीय सेना ने भी चेतावनी दी कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। हमले के बाद सेना ने Operation Sindoor चलाया जिसमें पाकिस्तान और PoJK के 9 लॉन्चपैड तबाह किए गए और 100 से ज़्यादा आतंकी मारे गए। इसके अलावा Operation Mahadev के ज़रिए हमले में सीधे तौर पर शामिल तीनों आतंकियों को 28 जुलाई 2025 को मार गिराया गया।
अब क्या है कश्मीर के हालात
मानवाधिकार कार्यकर्ता Tasleema Akhter और बलूच प्रतिनिधि Munir Mengal ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी निंदा की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि इस बड़े हादसे के बाद भी पहलगाम में पर्यटन फिर से लौट रहा है और सैलानी एक बार फिर वहां पहुंच रहे हैं।