पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जैश-ए-मोहम्मद के कथित कमांडर हमज़ा बुरहान की हत्या के बाद एक बार फिर पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने के आरोप लग रहे हैं। बुरहान को 21 मई 2026 को मुज़फ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था। इस घटना के बाद वहां के राजनीतिक कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्ज़ा ने पाकिस्तान सरकार और उसकी सुरक्षा एजेंसियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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कौन था हमज़ा बुरहान और पाकिस्तान में कैसे रह रहा था?

हमज़ा बुरहान जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा कमांडर था और उसका संबंध अल-बद्र आतंकी संगठन से भी था। वह साल 2019 में भारत के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का मुख्य साज़िशकर्ता था, जिसमें भारत के 40 से ज़्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। भारत सरकार ने अप्रैल 2022 में उसे आतंकी घोषित किया था। हैरान करने वाली बात यह है कि वह पाकिस्तान के मुज़फ्फराबाद के गोजरा में एक प्राइवेट कॉलेज के प्रिंसिपल के रूप में छिपकर रह रहा था। 22 मई 2026 को रावलपिंडी में उसे दफनाया गया, जहां हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सैयद सलाहुद्दीन और आईएसआई के अधिकारी भी शामिल हुए थे।

राजनीतिक कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्ज़ा ने क्या आरोप लगाए?

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के एक्टिविस्ट अमजद अयूब मिर्ज़ा ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कई बड़े दावे किए हैं:

  • आतंकियों को पनाह देना: मिर्ज़ा ने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की मिलिट्री और खुफिया एजेंसियां आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने देती हैं। उन्होंने इसकी तुलना ओसामा बिन लादेन से की जो एबटाबाद में छिपा हुआ था।
  • इंटरनल जॉब की आशंका: उन्होंने शक जताया कि बुरहान की हत्या एक ‘इंटरनल जॉब’ हो सकती है क्योंकि वह अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान के लिए एक बोझ बन चुका था।
  • डबल गेम का आरोप: मिर्ज़ा के अनुसार, पाकिस्तान पहले आतंकियों को पालता है और फिर काम निकल जाने पर उन्हें खत्म करने में मदद करता है।

इस पूरे मामले पर पाकिस्तान की सरकार का क्या कहना है?

इस हाई-प्रोफाइल हत्या पर पाकिस्तान की सरकार या सेना की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने इस गोलीबारी में शामिल एक स्थानीय संदिग्ध को गिरफ्तार करने का दावा किया है। भारत हमेशा से पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और आतंकियों को पालने का आरोप लगाता रहा है और इस घटना से इन दावों को और बल मिला है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हमज़ा बुरहान की मौत कब और कहाँ हुई?

जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर हमज़ा बुरहान को 21 मई 2026 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुज़फ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी।

क्या हमज़ा बुरहान भारत में किसी बड़े हमले में शामिल था?

हाँ, हमज़ा बुरहान को साल 2019 में भारत के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है, जिसमें भारत के 40 से ज़्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।