Pakistan और Afghanistan के बीच सीमा पर एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीमा पार हमले करने के आरोप लगाए हैं। इस हिंसा में आम नागरिकों और सैनिकों की जान गई है, जिससे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है।
यूनिवर्सिटी पर हमला और अफगानिस्तान के आरोप क्या हैं?
अफगानिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक 27 अप्रैल 2026 को Pakistan की तरफ से मोर्टार और मिसाइल दागी गईं। ये हमले उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान के Asadabad शहर में हुए, जो Kunar Province की राजधानी है। इन हमलों में Sayed Jamaluddin Afghani University और कुछ रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया।
- इस हमले में कुल 7 लोगों की मौत हो गई।
- लगभग 85 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल हैं।
- अफगान डिप्टी प्रवक्ता Hamdullah Fitrat और कुनार के डायरेक्टर Najibullah Hanafi ने इसे युद्ध अपराध और उकसाने वाली हरकत बताया है।
बॉर्डर पर झड़प और पाकिस्तान का क्या कहना है?
सीमा पर तनाव केवल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहा। Kandahar प्रांत के Spin Boldak इलाके में तालिबान और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच रात भर झड़प चली। तालिबान का दावा है कि इस लड़ाई में 6 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और एक को पकड़ लिया गया।
दूसरी ओर, Pakistan के सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि South Waziristan में अफगान तालिबान ने घुसपैठ की कोशिश की और गोलीबारी की, जिससे 3 नागरिक घायल हो गए। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की कई चौकियों को तबाह कर दिया। Pakistan के सूचना मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी पर हमले की खबरों को “झूठ और प्रोपेगेंडा” करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि उनके हमले सटीक और खुफिया जानकारी पर आधारित होते हैं। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि “Operation Ghazab Lil Haq” के तहत किए गए हमलों के पुख्ता सबूत दिए जाएंगे।
चीन की कोशिशें और TTP का विवाद
बता दें कि अप्रैल की शुरुआत में China की मदद से Urumqi में शांति वार्ता हुई थी। वहां दोनों देश इस बात पर सहमत हुए थे कि वे संघर्ष को नहीं बढ़ाएंगे और समस्या का हल निकालेंगे। लेकिन ताजा हमलों ने उन कोशिशों को झटका दिया है। Pakistan का आरोप है कि अफगानिस्तान की धरती से TTP (जिसे Pakistan “Fitna al Khwarij” कहता है) जैसे आतंकी समूह वहां की सरकार के समर्थन से पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं।