अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद अब बड़े संघर्ष में बदल गया है। 17 मार्च 2026 को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने राजधानी काबुल में एक अस्पताल को निशाना बनाया है। इस हमले में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार लगभग 400 लोगों की जान चली गई है। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने केवल चरमपंथी ठिकानों पर हमला किया है। दोनों देशों के बीच पिछले कई हफ्तों से तनाव बना हुआ है।

इस हमले और बढ़ते तनाव से जुड़ी मुख्य बातें क्या हैं?

  • तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार काबुल में मरीजों का इलाज करने वाले अस्पताल पर बमबारी हुई है।
  • शुरुआत में मरने वालों की संख्या कम बताई गई थी लेकिन अब यह आंकड़ा 400 तक पहुँच गया है।
  • अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के बेहसूद और खोग्यानी जिलों में भी पाकिस्तानी हमले की खबरें आई हैं।
  • पाकिस्तान इस सैन्य अभियान को ‘Operation Ghazab Lil Haq’ के नाम से चला रहा है।
  • 26 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग के कारण अब तक 35,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

पाकिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का क्या रुख है?

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने अस्पताल पर हमले की बात को आधारहीन बताया है। उनका कहना है कि सेना ने केवल ड्रोन बनाने वाली वर्कशॉप और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बयान दिया है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हो रहा था, जिससे सीमा पार की गई कार्रवाई जरूरी हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि इस संघर्ष की वजह से अफगानिस्तान में अब तक 20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र बंद हो चुके हैं।

संघर्ष का अब तक का प्रभाव और वर्तमान स्थिति

विवरण ताजा जानकारी
मृतकों की संख्या (अस्पताल हमला) लगभग 400 लोग
विस्थापित परिवार करीब 5,700 परिवार (35,000 लोग)
बॉर्डर की स्थिति व्यापार और ट्रांजिट के लिए सीमा बंद है
मध्यस्थता करने वाले देश तुर्की, रूस, चीन और कतर कोशिश में जुटे हैं
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.