Afghanistan Air Strike: पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों में कई लोगों की जान चली गई है. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. पाकिस्तान का कहना है कि उसने आतंकवादियों को निशाना बनाया, लेकिन अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का दावा है कि इन हमलों में आम नागरिक मारे गए हैं.

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ताजा हमलों में भारी नुकसान का दावा

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जून 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों—खौस्त, कुनार और पाक्तिका में हवाई हमले किए. ये हमले 28 जून की रात को सीमा पर हुई एक सैन्य कार्रवाई के बाद किए गए. तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया है. उनके मुताबिक, 29 जून के हमलों में 36 आम नागरिकों की मौत हुई और 163 लोग घायल हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई चिंता

इससे पहले 9 और 10 जून 2026 को भी इन इलाकों में हवाई हमले हुए थे. तालिबान ने बताया कि उस समय 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग समेत 13 लोगों की जान गई थी. संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) ने भी इन मौतों की पुष्टि की है. UNAMA ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे. संगठन ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से बातचीत करने और युद्ध रोकने की अपील की है.

पाकिस्तान का अपना पक्ष

पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने इन हमलों का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि ये ऑपरेशन बिल्कुल सटीक थे और इनका मकसद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और जमात-उल-अहराइ जैसे आतंकी समूहों के ठिकानों को नष्ट करना था. उन्होंने बताया कि कराची में सुरक्षाकर्मियों पर हुए एक हमले का बदला लेने के लिए ये कार्रवाई की गई, जिसमें 26 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है.

बढ़ता तनाव और नाकाम कोशिशें

पाकिस्तान और तालिबान सरकार के बीच रिश्ते 2021 से ही खराब चल रहे हैं. फरवरी 2026 में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ “खुली जंग” का ऐलान कर दिया था, क्योंकि वहां से उसके देश में आतंकी हमले बढ़ गए थे. अप्रैल 2026 में चीन ने दोनों देशों के बीच शांति कराने की कोशिश की और समझौता हुआ था कि विवाद को बढ़ाया नहीं जाएगा, लेकिन जमीनी स्तर पर हिंसा अब भी जारी है.