पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, मिडिल ईस्ट के तनाव को थामने के लिए शुरू हुई हाई-लेवल बातचीत.

क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, Field Marshal Asim Munir, सोमवार, 24 अगस्त 2026 को तेहरान पहुंच गए हैं। इस अहम दौरे पर उनके साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Raza Naqvi भी मौजूद हैं, जो ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। इस साल ईरान की उनकी यह तीसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बदलते हालातों में कूटनीतिक बातचीत को काफी खास बनाती है।
डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद ईरान पहुंचे पाकिस्तानी सेना प्रमुख
यह कूटनीतिक दौरा ठीक उस हफ्ते हो रहा है जब फील्ड Marshal Munir ने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात की थी। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 23 अगस्त को जानकारी दी थी कि इन बैठकों का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना है। पाकिस्तान की सेना ने भी इस बात की पुष्टि की है कि वे मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के एक शांतिपूर्ण और व्यापक समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंधों और गल्फ में बढ़ते तनाव का साया
यह हाई-लेवल मीटिंग ऐसे वक्त में हो रही है जब अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में कड़े आर्थिक प्रतिबंध लागू करने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इन नए कदमों को किसी विरोधी देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया है, जो सीधे तौर पर ईरान और उसके व्यापारिक सहयोगियों को निशाना बनाता है। इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर यह आर्थिक युद्ध जारी रहा तो वह खाड़ी से होने वाले सभी तेल निर्यात को पूरी तरह बंद कर देगा। तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तेल प्रतिबंध नहीं हटाता, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज नहीं करता और सैन्य धमकियां बंद नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही बंद रहेगी।
समझौते की समय सीमा खत्म और ओमान के विदेश मंत्री का दौरा
हालातों को और जटिल बनाते हुए, 17 जून 2026 को पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए साइन किया गया एक समझौता ज्ञापन (MoU) अगस्त के बीच में बिना किसी विस्तार के समाप्त हो गया। सुरक्षा गारंटी और नेविगेशन की स्वतंत्रता को लेकर बनी असहमतियों के कारण यह प्रगति बीच में ही रुक गई। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masud Pezeshkian ने अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण पैदा हुई सामाजिक चुनौतियों के बीच देश में महंगाई से लड़ने के लिए अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया है। होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा करने के लिए ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr al-Busaidi के भी 25 अगस्त को तेहरान पहुंचने की उम्मीद है।
लाल सागर में टैंकर पर हमला और क्षेत्रीय सहयोग
क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है, जिसकी पुष्टि सोमवार को लाल सागर में सऊदी अरब के बंदरगाह शहर यानबु (Yanbu) के पश्चिम में एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमले की खबरों से होती है। पाकिस्तान इस संकट से निपटने के लिए सऊदी अरब और तुर्की जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में है, जिनके साथ उसका आपसी रक्षा समझौता भी है, जबकि कतर इस पूरे मामले में एक साथी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।