पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने अपना ईरान का बेहद अहम दौरा पूरा कर लिया है। इस दौरे के बाद पाकिस्तान की सेना ने बताया है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में काफी सकारात्मक प्रगति हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने और एक अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही दोनों देशों के बीच शांति समझौता हो सकता है।

पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर के ईरान दौरे में क्या बातचीत हुई?

फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने 22 और 23 मई 2026 को तेहरान का दौरा किया। यह उनका एक महीने के भीतर दूसरा ईरान दौरा था। इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने बताया कि यह बातचीत बहुत ही सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा अमेरिका और ईरान के बीच एक ठोस समझौते पर पहुंचना है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी इस बातचीत का हिस्सा रहे।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में क्या शर्तें शामिल हैं?

सूत्रों के अनुसार, इस समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों की तारीफ की है। इस प्रस्तावित डील के तहत निम्नलिखित बातों पर सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना: दुनिया का सबसे बड़ा तेल परिवहन मार्ग यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को धीरे-धीरे फिर से खोला जाएगा।
  • यूरेनियम पर चर्चा: ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
  • प्रतिबंधों में राहत: अमेरिका ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देगा।
  • संपत्तियों की बहाली: अमेरिका द्वारा ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को फिर से जारी किया जाएगा।
  • ट्रंप का फैसला: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 26 मई 2026 तक इस प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे और इस पर अपना अंतिम फैसला लेंगे।

ईरान की चेतावनी और पुराना संघर्ष क्या था?

इस समझौते की कोशिशों के बीच ईरान ने अपना सख्त रुख भी स्पष्ट कर दिया है। ईरान के संसद अध्यक्ष ने साफ कहा कि वे अपने राष्ट्रीय अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे। इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने दोबारा कोई हमला किया, तो वे खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर कड़ा पलटवार करेंगे। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम लागू हुआ था। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे खाड़ी देशों ने भी इस शांति प्रक्रिया के लिए अमेरिका से सैन्य कार्रवाई टालने का अनुरोध किया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने ईरान का दौरा कब किया?

फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने 22 मई 2026 को तेहरान पहुंचकर अपना दो दिवसीय दौरा शुरू किया और 23 मई 2026 को इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।

प्रस्तावित शांति समझौते में क्या मुख्य बिंदु शामिल हैं?

इस समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलना, ईरान के यूरेनियम कार्यक्रम पर चर्चा और अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाकर ईरानी संपत्ति बहाल करना शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते पर कब फैसला लेंगे?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा करनी है और वे 26 मई 2026 तक इस पर अपना अंतिम निर्णय ले सकते हैं।