पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अचानक ईरान के दौरे पर पहुंचे हैं। उन्होंने शुक्रवार, 22 मई 2026 को तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी से मुलाकात की। इस बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात को लेकर ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने शनिवार, 23 मई 2026 को आधिकारिक रिपोर्ट जारी की है। पाकिस्तान इस समय क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने और एक शांति समझौते को बढ़ावा देने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

पाकिस्तान आर्मी चीफ के तेहरान दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?

फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने और मध्यस्थता करने के उद्देश्य से किया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना प्रमुख अमेरिका की तरफ से एक खास संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं, जिसमें युद्ध को दोबारा शुरू करने की चेतावनी भी शामिल है। यह पिछले एक महीने के भीतर आसिम मुनीर का दूसरा तेहरान दौरा है, जिससे मामले की गंभीरता का पता चलता है। पाकिस्तान की कोशिश है कि दोनों देशों के बीच किसी तरह बातचीत का रास्ता निकाला जा सके ताकि क्षेत्र को एक बड़े युद्ध से बचाया जा सके।

ईरान में किन बड़े नेताओं के साथ हुई बातचीत?

तेहरान पहुंचने पर फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का स्वागत ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने किया और इस दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी उनके साथ उपस्थित रहे। अपनी इस यात्रा में आर्मी चीफ ने केवल विदेश मंत्री से ही नहीं, बल्कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ से भी अहम मुलाकातें कीं। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सावधानी बरतते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच गहरे और व्यापक मतभेद हैं, इसलिए इस दौरे को अभी किसी निर्णायक मोड़ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने ईरान में किन प्रमुख लोगों से मुलाकात की?

आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ से मुलाकात की है।

क्या इस मुलाकात से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध टल जाएगा?

पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है और अमेरिकी संदेश ईरान तक पहुंचाया गया है, लेकिन ईरानी प्रवक्ता के अनुसार गहरे मतभेदों के चलते अभी बातचीत किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची है।