अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक स्तर पर प्रयास बहुत तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शुक्रवार, 22 मई 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद को सुलझाना और मध्य पूर्व में शांति स्थापित करना है। ईरान की समाचार एजेंसी ISNA ने भी इस दौरे की पुष्टि की है।
पाकिस्तान और कतर मिलकर करा रहे हैं अमेरिका-ईरान में समझौता
पाकिस्तानी सेना प्रमुख का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को सुलझाने के लिए पाकिस्तान और कतर मिलकर काम कर रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पिछले दो-तीन दिनों से तेहरान में मौजूद हैं और उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ गहन चर्चा की है। इसके साथ ही कतर ने भी शुक्रवार को अपनी एक राजनयिक टीम तेहरान भेजी है ताकि बातचीत को सफल बनाया जा सके। हालांकि, प्रतिबंधों में ढील, ईरान के यूरेनियम भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण जैसे बड़े मुद्दों पर अभी भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ी सरगर्मी
इससे पहले बुधवार, 20 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि राजनयिक बातचीत का समय अब खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा था कि अगर सही जवाब नहीं मिले तो कार्रवाई बहुत तेजी से होगी। इसके जवाब में ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ ने वाशिंगटन पर फिर से युद्ध शुरू करने की कोशिश का आरोप लगाया था और किसी भी हमले पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने भी कहा है कि क्षेत्र में एक और दौर की लड़ाई स्थिति को और अधिक खराब कर देगी, इसलिए केवल राजनीतिक समाधान ही सही रास्ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान क्यों गए हैं?
पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता के लिए तेहरान गए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की शुरुआत कब हुई थी?
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम समझौता हुआ था।
