पाकिस्तान के सेना प्रमुख मुनीर ने तेहरान में की अहम बैठक, अमेरिका और ईरान के तनाव को कम करने की कोशिश.

पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को तेहरान का एक दिन का दौरा पूरा किया। इस दौरान उनके साथ आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद थे। दोनों ने ईरानी नेताओं के साथ लंबी बातचीत की, जिसका मुख्य मकसद ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की समस्या का हल निकालना था।
शांति समझौते और मध्यस्थता की कोशिशें
पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने जानकारी दी कि इस प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विवाद के एक शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान पर जोर दिया। यह दौरा 17 जून 2026 को हुए इस्लामाबाद समझौते के बाद हुआ है, जिसमें शांतिवार्ता के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था और यह अवधि बिना किसी विस्तार के अगस्त के बीच में खत्म हो गई थी।
बैठक के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव जनरल मोहसेन रजाई ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की। हालांकि, तेहरान ने साफ किया कि क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के लिए अमेरिका को इस्लामाबाद समझौते के तहत अपनी बातें पूरी करनी होंगी। जनरल रजाई ने कहा कि वॉशिंगटन को अपने रवैये में बदलाव लाना होगा और समझौते की शर्तों का पालन करना होगा। इस उच्च स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री सेयद अब्बास अरागची और आंतरिक मंत्री एस्कंदरी मोमेनी भी शामिल हुए थे।
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने पुष्टि की कि इन चर्चाओं का उद्देश्य आपसी सहयोग को मजबूत करना था। वहीं दूसरी तरफ, फील्ड मार्शल मुनीर के दौरे के समय ही अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए। तेहरान के लिए रवाना होने से पहले पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत की थी।
जैसे-जैसे कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ रहे हैं, ईरान मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर आगे की बातचीत करेगा। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद समझौते का सम्मान न करने से क्षेत्रीय स्थिरता को बड़ा नुकसान पहुंचा है और आपसी भरोसा भी कम हुआ है।