The Times of Israel और ANI News की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir पर ईरान और सऊदी अरब के बीच एक गुप्त समझौता कराने का आरोप लगा है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जनरल मुनीर ने ईरान में एक निजी तेल सौदे का उपयोग करके ईरान को सऊदी अरब पर मिसाइल हमले रोकने के लिए राजी किया। यह समझौता कथित तौर पर मार्च 2026 के अंत में हुआ था।
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तेल सौदे के बदले मिसाइल हमले रोकने का दावा
रिपोर्ट में बताया गया है कि Asim Munir और ईरान के IRGC प्रमुख Ahmad Vahidi के बीच एक संयुक्त तेल परिवहन उद्यम को लेकर साझेदारी है। जनरल मुनीर ने कथित तौर पर ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर सऊदी अरब पर हमले जारी रहे, तो यह तेल सौदा खतरे में पड़ सकता है। इस समझौते के बाद करीब तीन महीने तक सऊदी अरब पर ईरान की तरफ से कोई हमला नहीं हुआ।
जुलाई में फिर तनाव के संकेत
23 जुलाई 2026 से पहले के सप्ताह में सऊदी अरब की ओर एक मिसाइल दागे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जनरल मुनीर ने फिर से Ahmad Vahidi को चेतावनी दी, जिसके बाद से किसी और मिसाइल हमले की खबर नहीं है। हालांकि, इन दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है और न ही पाकिस्तान, ईरान या सऊदी अरब की सरकारों ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। इस मामले में शामिल रहे एक मध्य पूर्व के राजनयिक ने इस तरह की व्यवस्था की आलोचना की है और इसे फिरौती के भुगतान जैसा बताया है।
