Middle East में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अब बड़ी कूटनीतिक कोशिशें शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बीच का रास्ता निकालने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल Asim Munir गुरुवार, 21 मई 2026 को तेहरान पहुंचे हैं। इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और शांति समझौते की दिशा में बात आगे बढ़ाना है।

पाकिस्तान के आर्मी चीफ का तेहरान दौरा क्यों जरूरी है?

ईरानी मीडिया और ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, फील्ड मार्शल Asim Munir की यह यात्रा बहुत खास है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत और सलाह-मशविरा करना है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद युद्ध खत्म करने के लिए एक फाइनल ड्राफ्ट समझौते की घोषणा हो सकती है। इससे पहले, 20 मई को पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर Mohsin Naqvi भी तेहरान गए थे, जहां उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की थी।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

  • अमेरिका का प्रस्ताव: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान के जरिए उन्हें अमेरिका के विचार मिले हैं और फिलहाल ईरान उनकी समीक्षा कर रहा है।
  • ईरान की मांग: ईरान ने साफ किया है कि किसी भी समझौते के लिए उसकी जमी हुई संपत्ति को वापस करना और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म करना जरूरी है।
  • डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन अगर ईरान ने पूरी तरह संतोषजनक जवाब नहीं दिए, तो अमेरिका बहुत जल्द सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

ईरान का अमेरिका पर क्या आरोप है?

जहां एक तरफ बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ तनाव भी बना हुआ है। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर युद्ध को फिर से शुरू करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो ईरान इसका कड़ा जवाब देगा। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कहा कि अगर नया संघर्ष शुरू हुआ, तो इसका असर सिर्फ Middle East तक सीमित नहीं रहेगा। हालांकि, 8 अप्रैल 2026 से दोनों तरफ युद्ध विराम लागू है, जिससे सीधी लड़ाई रुकी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध रोकने में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ की तरह काम कर रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ और इंटीरियर मिनिस्टर तेहरान जाकर दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं ताकि शांति समझौता हो सके।

अमेरिका ने ईरान के सामने क्या शर्त रखी है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन ईरान को 100 प्रतिशत सही जवाब देने होंगे, वरना अमेरिका फिर से सैन्य हमले शुरू कर सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com