पाकिस्तान के आर्मी चीफ General Asim Munir तेहरान पहुंचे हैं ताकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम किया जा सके। इस्लामाबाद में हुई पिछली बातचीत बेनतीजा रही थी और अब दोनों देशों के बीच लगा युद्धविराम जल्द ही खत्म होने वाला है। पाकिस्तान अब एक मध्यस्थ के तौर पर परमाणु कार्यक्रम के विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान क्यों कर रहा है अमेरिका और ईरान की मध्यस्थता?

पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व (ISPR) ने पुष्टि की है कि General Asim Munir की तेहरान यात्रा का मकसद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव घटाना है। ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस कोशिश का स्वागत किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ डील संभव है और यह विवाद जल्द खत्म हो सकता है।

बातचीत में मुख्य रुकावटें और विवाद के मुद्दे क्या हैं?

दोनों देशों के बीच कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सहमति नहीं बन पा रही है। मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम और सुरक्षा को लेकर बहस जारी है। नीचे दी गई टेबल में मुख्य विवादों की जानकारी है।

मुख्य मुद्दा विवरण
यूरेनियम फ्रीज अमेरिका 20 साल और ईरान 5 साल की समय सीमा चाहता है
यूरेनियम स्टॉकपाइल 440-450 किलो हाईली एनरिच्ड यूरेनियम का निपटारा करना
समुद्री रास्ता Strait of Hormuz की सुरक्षा और नियंत्रण
हर्जाना युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई
युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को मौजूदा ceasefire खत्म हो रहा है
तेल बाजार ईरान के संकट से ग्लोबल ऑयल मार्केट में कमी आई है

इस्लामाबाद बातचीत क्यों रही बेनतीजा?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance के मुताबिक ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने से मना कर दिया था। वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनकी क्षमता से ज़्यादा मांगें रखी थीं। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि उनके प्रस्ताव अच्छे थे लेकिन अमेरिकी पक्ष भरोसा जीतने में नाकाम रहा। अब पाकिस्तान की कोशिश है कि बातचीत का दूसरा दौर फिर से शुरू हो सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.