पाकिस्तान के आर्मी चीफ, फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने ईरान का अपना अहम दौरा पूरा कर लिया है और वह वापस रवाना हो गए हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने ईरान के बड़े नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं। इस बीच तेहरान ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी बड़ी जंग के लिए भी पूरी तरह तैयार है। दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और बातचीत में क्या प्रगति हुई?

पाकिस्तान की सेना (ISPR) ने 23 मई 2026 को एक बयान जारी किया है। इसमें बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में हुई चर्चाओं से दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय शांति स्थापित करना और एक अंतिम समझौते तक पहुंचना है। ईरान के नेतृत्व ने भी शांति वार्ता को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की रचनात्मक भूमिका की सराहना की है। फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के साथ इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की है।

अमेरिका और ईरान का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया है कि ईरान के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और आने वाले दिनों में इसकी घोषणा हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नियंत्रित करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका के पास प्लान बी भी तैयार है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि यदि बातचीत विफल रही तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है। वह रविवार यानी 24 मई तक इस समझौते को स्वीकार करने या सैन्य विकल्प चुनने पर फैसला लेंगे।

बातचीत में अभी भी कौन सी बड़ी रुकावटें हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि मतभेद अभी भी गहरे और महत्वपूर्ण हैं। ईरान की पहली प्राथमिकता युद्ध को रोकना, अमेरिकी नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता सुनिश्चित करना है। इस बातचीत में ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण सबसे बड़े विवादित विषय बने हुए हैं। ईरान ने साफ किया है कि यदि कूटनीति विफल होती है, तो वह युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है और किसी भी सैन्य कदम का पहले से अधिक कड़ा जवाब देगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने हाल ही में ईरान का दौरा किया है?

हां, पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने 23 मई 2026 को ईरान का दौरा समाप्त किया है, जहां उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर ईरानी राष्ट्रपति और अन्य नेताओं के साथ बैठकें कीं।

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के मुख्य विवादित मुद्दे क्या हैं?

बातचीत के मुख्य विवादित मुद्दों में होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण और ईरान का समृद्ध यूरेनियम भंडार शामिल हैं। इसके अलावा ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाने और युद्ध को समाप्त करने की मांग कर रहा है।