पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम इलाके में एक सुरक्षा कैंप पर भीषण हमला हुआ है। इस हमले में कई सैन्य अधिकारियों और जवानों की जान गई है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
Bajaur में हमला कैसे हुआ और क्या था तरीका
यह हमला Bajaur जिले के Loi Mamund इलाके में मौजूद Damangi Scouts बेस पर गुरुवार रात को हुआ। हमलावरों ने सबसे पहले कैंप के मुख्य गेट पर एक आत्मघाती धमाका किया और उसके बाद अंदर घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने विस्फोटक से भरी एक गाड़ी और क्वाडकॉप्टर का इस्तेमाल भी किया जिससे सुरक्षा परिसर में भारी तबाही हुई।
कितने जवान शहीद हुए और क्या है ताजा अपडेट
इस हमले में हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हमले को नाकाम कर दिया गया जिसमें 9 आतंकवादी मारे गए और 4 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए। वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अलग-अलग हमलों में 15 से 18 पाकिस्तानी जवान मारे गए हैं। घायल जवानों को इलाज के लिए Peshawar भेजा गया है और पूरे इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
TTP का दावा और अंतरराष्ट्रीय तनाव
TTP ने अपनी Special Istishhadi Force (SIF) के जरिए इस हमले को अंजाम देने की बात कही है। पाकिस्तान का आरोप है कि ये आतंकी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल ठिकाने के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन काबुल की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को गलत बताया है। मार्च 2026 में UN विशेषज्ञों ने भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान को आपसी विवाद सुलझाने और आतंकवाद को रोकने की सलाह दी थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TTP ने इस हमले के बारे में क्या दावा किया है
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और बताया है कि इसे उनकी Special Istishhadi Force (SIF) ने अंजाम दिया। अक्टूबर 2025 के बाद यह पहला मौका है जब TTP ने किसी आत्मघाती हमले का आधिकारिक दावा किया है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इस मुद्दे पर क्या विवाद है
पाकिस्तान का कहना है कि आतंकी अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने के तौर पर कर रहे हैं। वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है। UN विशेषज्ञों ने दोनों देशों को संघर्ष खत्म करने के लिए ceasefire की अपील की थी।
