Pakistan: पाकिस्तान में बलोच संगठन के पूर्व सदस्य की हत्या, अज्ञात हमलावरों ने घर पर बोला हमला और कई लोग लापता

पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और हाल ही में हुई एक हिंसक घटना में बलोच सशस्त्र संगठन के एक पूर्व सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस हमले में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
घर को बनाया गया निशाना
यह पूरी घटना 12 अगस्त को पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत के केच जिले के बलिदा सुरप इलाके में हुई। मंगलवार देर शाम अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हमले के दौरान एक तेज धमाका भी सुनाई दिया जिसके तुरंत बाद भारी गोलीबारी हुई। हथियारबंद लोगों ने सीधे तौर पर मुस्लिम जयंद के घर को अपना निशाना बनाया। जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय घर के अंदर कई अन्य लोग भी मौजूद थे। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष में मुस्लिम जयंद समेत कम-से-कम चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के बाद गंभीर रूप से घायल मुस्लिम जयंद ने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आतंकी गतिविधियों और डेथ स्क्वाड से जुड़ा था इतिहास
सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, मारा गया मुस्लिम जयंद पहले किसी बलोच सशस्त्र संगठन का सक्रिय हिस्सा हुआ करता था। हालांकि, कुछ समय पहले उसने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया था। स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि आत्मसमर्पण करने के बाद वह पाकिस्तान के तथाकथित डेथ स्क्वाड के एक स्थानीय हथियारबंद ग्रुप की अगुवाई कर रहा था। इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी संगठन या व्यक्ति ने नहीं ली है, जिसके चलते पुलिस हर पहलू से मामले की गहराई से जांच कर रही है।
जबरन लोगों को गायब किए जाने का सिलसिला जारी
एक अन्य अलग रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से लोगों को जबरन उठाए जाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। कराची और वीटा जैसे शहरों से दो लोगों को अगवा किए जाने की सूचना मिली है। सूत्रों के मुताबिक, क्वेटा के जबल नूर बाईपास से 40 साल के एक दुकानदार आसिफ अली (पुत्र अहमद रजा) को 1 अगस्त की शाम करीब 4:00 बजे कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा उठा लिया गया था। इसके अलावा, खुजदार के बागबाना इलाके के रहने वाले 19 वर्षीय दुकानदार असलम बलोच (पुत्र सिकंदर जहरी) को भी रेंजर्स के जवानों द्वारा 13 जुलाई को कराची के यूसुफ गोथ बस टर्मिनल से जबरन हिरासत में ले लिया गया था। इन दोनों ही पीड़ितों का तब से अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और उनके परिवार वाले बेहद परेशान हैं। हालांकि, राहत की एक खबर यह भी है कि अब्दुल मजीद (पुत्र हाजी गुलाम मोहम्मद) को कराची के मलिर-15 इलाके से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जिन्हें इसी जगह से 29 जुलाई को जबरन गायब कर दिया गया था।