पाकिस्तान के बलोचिस्तान इलाके से महिलाओं के गायब होने की खबरें सामने आई हैं। BSO-Azad नाम के संगठन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सरकार जानबूझकर बलोच महिलाओं को अगवा कर रही है। उनका कहना है कि इस साल अब तक करीब दो दर्जन महिलाएं लापता हो चुकी हैं और यह सब बलोच समाज को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।

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बलोच महिलाओं के गायब होने के ताजा मामले क्या हैं?

अप्रैल के महीने में कई मामले सामने आए हैं। 22 अप्रैल को Khuzdar के नाल इलाके में छापेमारी के दौरान समीना और उनके चचेरे भाई कंबर को हिरासत में ले लिया गया। वहीं 14 अप्रैल को Kech जिले के सिंगाबाद इलाके से 22 साल की गुल बनुक को रात के समय ले जाया गया। 16 अप्रैल को कराची से हसीना बलोच नाम की एक महिला भी लापता हुई। मानवाधिकार समूहों का दावा है कि सिर्फ अप्रैल में ही 5 महिलाएं गायब हुई हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?

BSO-Azad के प्रवक्ता शोलन बलोच ने कहा कि यह बलोच समाज की पहचान और उनके विरोध को खत्म करने की एक सोची-समझी साजिश है। बलोच यकजेहती कमेटी (BYC) की डॉ सबीहा बलोच और बलोच विमेन फोरम (BWF) ने भी इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इन संगठनों का दावा है कि महिलाओं को टॉर्चर सेल में रखा जा रहा है और उनके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है।

इस पूरे मामले पर क्या है कानूनी स्थिति?

अंतरराष्ट्रीय कानून और ICCPR संधि के तहत किसी भी व्यक्ति को जबरन गायब करना एक गंभीर अपराध है। मानवाधिकार परिषद ने भी इन घटनाओं की पुष्टि की है और चिंता जताई है। हालांकि, इस ताज़ा विवाद और पिछले कुछ दिनों के आरोपों पर पाकिस्तानी सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।