Balochistan News: पाकिस्तान सेना पर लगे गंभीर आरोप, ग्वादर से 19 साल का मछुआरा लापता, कई और लोग भी गायब

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में लोगों के गायब होने का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। ताजा मामला ग्वादर के जीवानी इलाके का है, जहां से एक 19 साल के मछुआरे अली असगर को उनके घर से उठा लिया गया। परिवार का कहना है कि पाकिस्तानी सेना और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने यह कार्रवाई की है, जिसके बाद से अली का कोई पता नहीं चला है।

अप्रैल महीने में और कौन-कौन से लोग गायब हुए?

बलूचिस्तान के अलग-अलग जिलों से अप्रैल 2026 में कई लोगों के लापता होने की खबरें आई हैं। इनमें छात्र, रिक्शा चालक और स्थानीय युवा शामिल हैं। नीचे दी गई टेबल में उन लोगों की जानकारी है जो कथित तौर पर गायब हुए हैं:

नाम जगह तारीख
अली असगर ग्वादर (जीवानी) 16 अप्रैल 2026
सोहेल करीम, नादिल बलोच, दिलशाद दाद, अली फजल ग्वादर (पानवान) अप्रैल (रविवार रात)
इक्राम (छात्र) केच जिला 18 अप्रैल 2026
नियाज़ और रियाज़ (भाई) खरण 12 अप्रैल 2026
बिलाल बलोच (रिक्शा चालक) नोशकी 9 अप्रैल 2026
अमीर बलोच ग्वादर (कलंच) 10 अप्रैल 2026
खुरशीद मुराद और शेरा केच (मांड तहसील) 13 अप्रैल 2026
महराज (छात्र) क्वेटा 12 अप्रैल 2026

मानवाधिकार संगठनों और परिवारों का क्या कहना है?

लापता लोगों के परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो उनके अपनों को रिहा किया जाए या उन्हें अदालत में पेश किया जाए। Baloch Yakjehti Committee (BYC) ने इन कार्रवाइयों को बलोच नरसंहार का हिस्सा बताया है। वहीं Paank संगठन ने छात्रों को गायब किए जाने पर गहरी चिंता जताई है और इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन कहा है।

वर्तमान स्थिति और सरकारी जानकारी क्या है?

क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर Voice for Baloch Missing Persons (VBMP) का विरोध प्रदर्शन पिछले 6,138 दिनों से लगातार जारी है। दूसरी ओर, कुछ लोगों जैसे नियाज़ अहमद, आसिफ, अमीर और इलियास को रिहा भी किया गया है। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने 2023 में स्वीकार किया था कि जनवरी से मार्च के बीच बलूचिस्तान में 4040 सैन्य ऑपरेशन किए गए थे।