पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर लोग रहस्यमयी तरीके से गायब हो रहे हैं। ताजा खबरों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग जिलों से चार लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक किशोर छात्र और सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं। इस घटना के बाद से इलाके में डर का माहौल है और परिवारों ने पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कौन-कौन लोग गायब हुए और उन्हें कब उठाया गया?

  • 17 मई 2026: ANI न्यूज़ के मुताबिक, वाशुक से 17 साल के एक छात्र (हाजी अताउल्लाह का बेटा) को 13 मई को उठाया गया।
  • ग्वादर: 18 साल के मछुआरे याह्या बलोच को 11 मई को हिरासत में लिया गया।
  • डेरा बुगटी: लेवीज़ फोर्स के सदस्य सिराज और शिक्षा विभाग के कर्मचारी गुल मोहम्मद बुगटी को सुई तहसील से पकड़ा गया।
  • अन्य मामले: 11 मई को क्वेटा से 27 साल के डेंटल सर्जन डॉ. ज़हीर और 23 अप्रैल को कराची से मोबाइल तकनीशियन তাহिर को भी गायब बताया गया है।
  • पंजगुर: 6 मई को तौहीद और अबू बक्र नाम के दो भाइयों को उठाया गया, जिन्हें बलोच यकजेहती कमेटी का साथ छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

मानवाधिकार संगठनों और कोर्ट का क्या कहना है?

Human Rights Commission of Pakistan (HRCP) ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने जनवरी 2021 में एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा था कि नागरिकों को गायब करना सबसे घिनौना अपराध है और इसके लिए प्रधानमंत्री और कैबिनेट जिम्मेदार हैं।

इंटरनेशनल लेवल पर Lemkin Institute ने इसे एक गंभीर मानवीय संकट बताया है। वहीं, Amnesty International ने पाकिस्तानी सरकार से इन सभी मामलों को जल्द सुलझाने की मांग की है। पाकिस्तान ने 2011 में Commission of Inquiry on Enforced Disappearances (COIED) बनाया था, जिसने अब तक करीब 7,000 मामलों में से 5,000 को सुलझाया है, लेकिन कई लोग अब भी लापता हैं।

सरकारी पक्ष और कानूनी स्थिति क्या है?

इन ताजा आरोपों पर पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आमतौर पर सुरक्षा एजेंसियां इन आरोपों से इनकार करती हैं। वे अक्सर यह दावा करती हैं कि लापता लोग या तो उग्रवादी संगठनों में शामिल हो गए हैं या अवैध रूप से देश छोड़कर चले गए हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत किसी व्यक्ति को जबरन गायब करना एक बड़ा अपराध माना जाता है, जिसका पालन करना पाकिस्तान के लिए जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बलूचिस्तान में गायब हुए लोगों के मामले में सरकारी रुख क्या है?

पाकिस्तानी अधिकारियों ने हालिया घटनाओं पर कोई बयान नहीं दिया है। आमतौर पर सुरक्षा एजेंसियां इन आरोपों को नकारती हैं और दावा करती हैं कि लोग खुद छोड़कर गए हैं।

COIED क्या है और इसने अब तक क्या काम किया है?

COIED 2011 में बना एक जांच आयोग है। इसने अब तक 7,000 मामलों की रिपोर्ट ली है, जिनमें से लगभग 5,000 मामलों को सुलझाया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.