पाकिस्तान में बढ़ी पत्रकारों की मुश्किलें, अभिव्यक्ति की आज़ादी बचाने के लिए बना नया नेशनल अलायंस.

पाकिस्तान में पत्रकारों, डिजिटल क्रिएटर्स, शिक्षाविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मिलकर एक नया नेशनल अलायंस बनाया है। इस पहल की घोषणा Human Rights Commission of Pakistan (HRCP) द्वारा 20 अगस्त 2026 को की गई, जिसे यूरोपीय संघ का समर्थन भी प्राप्त हुआ है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य देश भर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगातार बढ़ रहे खतरों और कानूनी शिकंजों का सामना करना है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
कराची में हुई बैठक में बनी सहमति
इस नए अलायंस को बनाने का औपचारिक समझौता 19 अगस्त 2026 को कराची में आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन के दौरान तय किया गया था, जिसका शीर्षक Defending Freedom of Expression in Civic Space था। इस बैठक में शामिल सभी लोगों ने देश में नागरिक स्वतंत्रता की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि Prevention of Electronic Crimes Act (PECA) का लगातार बढ़ता इस्तेमाल, कड़ी निगरानी, बढ़ती सेंसरशिप और जानकारी मिलने में रुकावटें लोकतांत्रिक बातचीत के रास्ते में बहुत बड़ी बाधा बन रही हैं।
कौन-कौन शामिल है इस नए मोर्चे में
इस गठबंधन को खड़ा करने में कई जाने-माने चेहरों ने अहम भूमिका निभाई है। इनमें HRCP Chairperson Asad Iqbal Butt, जनरल सेक्रेटरी Harris Khalique, डायरेक्टर Farah Zia के साथ-साथ प्रसिद्ध एक्टिविस्ट और मीडिया पेशेवर जैसे Nasir Zaidi, Azhar Abbas, Husain Naqi और Salima Hashmi शामिल हैं। यह संगठन संपादकीय स्वतंत्रता की रक्षा करने और मीडिया कर्मियों तथा अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए काम करने की स्थिति को बेहतर बनाने के वास्ते एक एकजुट मोर्चे के रूप में काम करेगा।
आगे की क्या है योजना
इन तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए इस अलायंस ने रणनीति के तहत मुकदमेबाजी, कागजी कार्रवाई, तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले तंत्र और जनता को एकजुट करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, इस समूह ने औपचारिक रूप से उन तमाम कानूनों, नियमों और प्रशासनिक नीतियों को रद्द करने या उनमें संशोधन करने की मांग की है, जिनका इस्तेमाल असहमति की आवाज़ों को दबाने या ऑनलाइन बोलने की आज़ादी को खत्म करने के लिए किया जाता है।