पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कोयला खदान के भीतर हुए एक दर्दनाक हादसे में 32 खनिकों की जान चली गई है। यह दुखद घटना क्वेटा से करीब 30 से 50 किलोमीटर दूर सोरंगे कोयला क्षेत्र में हुई, जहां गुरुवार 30 जुलाई 2026 को अचानक मीथेन गैस का जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट के बाद खदान के भीतर आग लग गई और ढांचा ढहने से खनिक अंदर ही फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
बचाव दल अभी भी खदान के भीतर फंसे दो अन्य खनिकों की तलाश कर रहे हैं। बलूचिस्तान माइन रेस्क्यू डिपार्टमेंट और प्रादेशिक आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) की टीमें करीब 4,000 फीट की गहराई में राहत कार्य में जुटी हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि गैस और आग के कारण वहां ऑक्सीजन खत्म हो चुकी है, जिससे जीवित बचने की उम्मीद बेहद कम है। बलूचिस्तान के मुख्य खदान निरीक्षक मुहम्मद आतिफ ने 32 शवों के मिलने की पुष्टि की है।
पीड़ित परिवारों के लिए मदद
प्रांतीय खदान और खनिज मंत्री मीर शोएब नोशेरवानी ने मृतकों के परिवारों को PKR 500,000 और घायल हुए लोगों को PKR 300,000 की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने की बात कही है। ऑल पाकिस्तान कोल माइनर्स एसोसिएशन के पीर मुहम्मद काकर ने निजी खदान मालिकों पर सुरक्षा के मानकों को अनदेखा करने और वेंटिलेशन सिस्टम न लगाने का गंभीर आरोप लगाया है।
