पाकिस्तान ने लाल सागर में समुद्री जहाजों और सऊदी अरब को मिल रही धमकियों की कड़ी निंदा की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने 22 जुलाई 2026 को साफ तौर पर कहा कि हूतियों की यह हरकत क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार के लिए एक गंभीर खतरा है। पाकिस्तान ने इस बात पर जोर दिया है कि समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह की रुकावट अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
सऊदी अरब के साथ खड़ा है पाकिस्तान
हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी अरब जाने वाले जहाजों पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था, जिसके बाद से तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश के झंडे वाले किसी भी जहाज को नुकसान पहुँचाया गया, तो वे अपनी सुरक्षा के लिए UN Charter के तहत जवाबी कार्रवाई करने का पूरा हक रखते हैं। पाकिस्तान सरकार ने सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
सऊदी अरब ने भी हूतियों की इन धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि वह अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा। इस मामले को लेकर United Nations, UAE, GCC और Sudan ने भी चिंता जाहिर की है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और UN Security Council Resolution 2722 का पालन करने की अपील की है। फिलहाल धमकियों के बाद कुछ तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
