पाकिस्तान का कपास सेक्टर इस समय गहरे संकट में है। सरकार ने नए बजट में कपास जिनिंग सेक्टर पर 18 प्रतिशत सेल्स टैक्स को हटाने के बजाय इसे बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद तंदो एडम और अन्य कपास उत्पादक शहरों में फैक्ट्रियां बंद होने लगी हैं, जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर खतरा मंडरा रहा है।
सरकार के इस कदम से स्थानीय उत्पादकों और आयात करने वालों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। Finance Act के तहत स्थानीय सामान पर 18% टैक्स है, जबकि बाहर से आने वाले कपास और धागे को टैक्स में छूट दी गई है। इस वजह से टेक्सटाइल मिलों ने स्थानीय कपास के बजाय अमेरिका से कपास मंगवाना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान 2024-25 सीजन में अमेरिकी कपास का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है।
बाजार में भारी गिरावट और आंकड़े
टैक्स के बोझ और खराब मौसम की वजह से कपास की कीमतों में भारी गिरावट आई है। बाजार की मौजूदा स्थिति नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| विवरण | गिरावट / आंकड़ा | मौजूदा रेट / स्थिति |
|---|---|---|
| कराची कॉटन स्पॉट रेट | 4,000 रुपये कम | 17,500 रुपये प्रति मन |
| पंजाब कपास रेट | 5,000 रुपये कम | 17,800 रुपये प्रति मन |
| सिंध कपास रेट | 4,000 रुपये कम | 17,500 रुपये प्रति मन |
| कपास उत्पादन अनुमान (2024-25) | – | 5.2 मिलियन बेल |
| बिना रिकॉर्ड का व्यापार (2025-26) | – | 1.5 मिलियन बेल |
| अमेरिकी कपास आयात (2024-25) | – | 6 मिलियन बेल |
| अगस्त 2024 में कपास की आवक | 60% की कमी | भारी गिरावट |
सरकारी वादे और जमीनी हकीकत
All Pakistan Textile Mills Association (APTMA) और अन्य संस्थाओं ने बजट से पहले सरकार से मुलाकात की थी। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि कपास के बीज और तेल केक पर 18% टैक्स खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन अंतिम बजट बिल में ये वादे पूरे नहीं हुए।
Cotton Ginners Forum के चेयरमैन Ehsan-ul-Haq ने बताया कि इस सेक्टर पर कुल टैक्स 86% से ज्यादा हो गया है। इस वजह से बहुत सारा व्यापार अब बिना कागजों के (undocumented) हो रहा है, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है। तंदो एडम कॉटन जिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष Hareesh Kumar ने बताया कि भारी टैक्स और भीषण गर्मी की वजह से कपास की क्वालिटी खराब हुई है और फैक्ट्रियां बंद करने पर मजबूर होना पड़ा है।
Minister for National Food Security Rana Tanveer Hussain ने पहले कहा था कि सरकार स्थानीय किसानों की मदद के लिए टैक्स हटाने पर काम कर रही है, लेकिन अब तक ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस पूरे संकट का सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूरों पर पड़ा है, जहां बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ गई है।
Pakistan Cotton Ginners Association (PCGA) ने अब डिजिटल मार्केट में गलत रेट फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है ताकि बाजार की स्थिति और ज्यादा खराब न हो। संस्था 18 जुलाई को उत्पादन का आधिकारिक डेटा जारी करेगी।
