पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसराइल की सैन्य हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। IRNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रक्षा मंत्री का कहना है कि इसराइल की आक्रामकता की वजह से इलाके में शांति की सारी कोशिशें खत्म हो रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है।

रक्षा मंत्री खवाजा आसिफ ने इसराइल को लेकर क्या-क्या कहा?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने इसराइल के खिलाफ कई बार कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उनके बयानों की मुख्य बातें यहाँ दी गई हैं:

  • 28 अप्रैल 2026 को उन्होंने कहा कि इसराइल की आक्रामकता शांति के प्रयासों को नष्ट कर रही है।
  • 10 अप्रैल 2026 को उन्होंने इसराइल को मानवता के लिए अभिशाप बताया था।
  • जून 2025 में उन्होंने इसराइल की परमाणु क्षमताओं पर चेतावनी दी थी और इसे एक ऐसा शासन बताया था जो अंतरराष्ट्रीय नियमों को नहीं मानता।

पाकिस्तान सरकार और विदेश मंत्रालय का क्या स्टैंड है?

सिर्फ रक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी समय-समय पर इसराइल की निंदा की है। मंत्रालय ने इन मुद्दों पर अपनी बात रखी है:

  • 16 अप्रैल 2026 को गाजा के रफ़ाह शहर में सैन्य हमले की कड़ी निंदा की गई और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया गया।
  • 13 अप्रैल 2026 को ईरान पर हुए हमलों को पाकिस्तान ने नाजायज बताया और ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
  • इस्तांबुल में हुई OIC की बैठक में पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री ने कहा कि इसराइल की हरकतें शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा हैं।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल हो पाएगी?

पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत की मेजबानी की थी। 25 अप्रैल 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Aragchi ने अपनी मांगें रखी थीं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूतों को पाकिस्तान भेजने से मना कर दिया और कहा कि उनके पास सभी पत्ते (Cards) मौजूद हैं। पाकिस्तान लगातार इसराइल को मान्यता देने से इनकार करता रहा है और मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इसराइल के बारे में क्या कहा?

रक्षा मंत्री खवाजा आसिफ ने कहा कि इसराइल की आक्रामकता इलाके में शांति की कोशिशों को बर्बाद कर रही है और उन्होंने इसे मानवता के लिए एक अभिशाप बताया।

क्या अमेरिका पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता में शामिल हुआ?

नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों को इस्लामाबाद जाने से मना कर दिया और कहा कि उनके पास सभी नियंत्रण मौजूद हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com