पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपने लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। यह दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते के तहत पहला बड़ा सैन्य कदम है। दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ पाकिस्तान सऊदी की मदद कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए शांति वार्ता की मेजबानी भी कर रहा है।

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सऊदी अरब में विमान क्यों भेजे गए?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान और सपोर्ट एयरक्राफ्ट किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुँच चुके हैं। यह तैनाती सऊदी के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है, जिसमें एक सऊदी नागरिक की मौत हुई थी। पाकिस्तान के एक अधिकारी ने बताया कि ये बल किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बेहतर बनाने के लिए भेजे गए हैं।

इस्लामाबाद में शांति वार्ता का क्या अपडेट है?

पाकिस्तान फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए मध्यस्थता कर रहा है। इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी इस युद्धविराम को करवाने में अहम भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशक डार ने उम्मीद जताई है कि इन बातचीत से एक स्थायी समाधान निकलेगा।

रक्षा समझौते और युद्ध की मुख्य समयसीमा

विवरण तारीख/जानकारी
रणनीतिक रक्षा समझौता (SMDA) 17 सितंबर 2025
ईरान-अमेरिका-इसराइल युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
पाकिस्तान द्वारा brokered युद्धविराम 8 अप्रैल 2026
सऊदी में पाकिस्तानी विमानों की तैनाती 11 अप्रैल 2026
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com