पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में घरेलू कामगारों की स्थिति बहुत चिंताजनक बनी हुई है। साल 2019 में Domestic Workers Act लाया गया था ताकि इन लोगों को अधिकार मिल सकें, लेकिन सरकार इसे जमीन पर लागू नहीं कर पाई। इस लापरवाही की वजह से 1 करोड़ से ज्यादा कामगार आज भी शोषण, हिंसा और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

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पंजाब घरेलू कामगार अधिनियम 2019 में क्या कमियां हैं?

इस कानून को लेकर कई विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं। कानून में कई ऐसी बातें हैं जो कामगारों के हक में नहीं हैं। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • काम की उम्र: इस कानून में काम करने की न्यूनतम उम्र 15 साल रखी गई है, जिसे कार्यकर्ता गलत मान रहे हैं और इसे बढ़ाकर 16 साल करने की मांग कर रहे हैं।
  • मातृत्व अवकाश: अन्य श्रम कानूनों में 90 दिनों की छुट्टी मिलती है, लेकिन घरेलू कामगारों के लिए यह केवल 6 हफ्ते तय की गई है।
  • शिकायत निवारण: यूनियन काउंसिल स्तर पर विवाद सुलझाने वाली कमेटियां बनानी थीं, लेकिन लोकल गवर्नमेंट सिस्टम न होने की वजह से ये अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं।

पंजाब की डायरेक्टर जनरल लेबर, Syeda Kulsume Hai ने माना है कि यह कानून जल्दबाजी में बनाया गया था और इसमें कई कमियां हैं।

कामगारों को किन बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?

पंजाब प्रांत में, खासकर लाहौर डिवीजन में 40 लाख से ज्यादा घरेलू कामगार हैं। इन लोगों के साथ होने वाले भेदभाव और शोषण की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

  • कम वेतन: कामगारों को बहुत कम वेतन दिया जाता है और कई बार पैसे दिए ही नहीं जाते। NGO लीडर Syeda Farah Hashmi ने न्यूनतम वेतन 40,000 रुपये करने की मांग की है।
  • सामाजिक सुरक्षा का अभाव: पंजाब सोशल सिक्योरिटी के डायरेक्टर Rashid Badar के मुताबिक, यह सेक्टर अनौपचारिक है, इसलिए यहाँ सोशल सिक्योरिटी के लिए फंड और निरीक्षण करने वाले स्टाफ की कमी है।
  • हिंसा और शोषण: बाल कामगारों, खासकर लड़कियों के साथ शारीरिक और मानसिक शोषण के मामले सामने आए हैं।
  • अदृश्य अर्थव्यवस्था: कार्यकर्ता Amna Malik का कहना है कि पाकिस्तान ने ILO कन्वेंशन 189 पर हस्ताक्षर किए हैं, फिर भी घरेलू कामगारों को अर्थव्यवस्था में कोई पहचान नहीं मिली है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पंजाब में घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन की क्या मांग है?

NGO लीडर और कार्यकर्ताओं ने घरेलू कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन 40,000 रुपये निर्धारित करने और इसे सख्ती से लागू करने की मांग की है।

Domestic Workers Act 2019 में बच्चों के काम करने की न्यूनतम उम्र क्या है?

वर्तमान कानून में न्यूनतम कार्य आयु 15 वर्ष तय की गई है, जिसे अब बढ़ाकर 16 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है।