मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की वजह से पाकिस्तान की आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है। तेल की कीमतें बढ़ने से वहां महंगाई आसमान छू रही है और आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। देश की जीडीपी ग्रोथ भी गिर गई है और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता जा रहा है।

पाकिस्तान में महंगाई और तेल की कीमतों का क्या हाल है?

ANI न्यूज़ और Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो पाकिस्तान में महंगाई 11 फीसदी के पार चली जाएगी। Topline Securities की रिपोर्ट कहती है कि अगर तेल 100 डॉलर प्रति बैरल रहा, तो साल भर की औसत महंगाई 9 से 10 फीसदी रहेगी। लेकिन अगर दाम 120 डॉलर तक पहुंचे, तो यह 11 फीसदी तक जा सकती है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि तेल आयात का साप्ताहिक खर्च 300 मिलियन डॉलर से बढ़कर 800 मिलियन डॉलर हो गया है। वहीं, पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मार्केट इकोनॉमी (PRIME) के अली सलमान ने चेतावनी दी कि गंभीर हालात में महंगाई 17 फीसदी तक पहुंच सकती है और देश को 50 से 68 बिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है।

अर्थव्यवस्था और सरकारी फैसलों पर क्या असर पड़ा?

महंगाई को काबू करने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने 27 अप्रैल को अपनी पॉलिसी रेट को बढ़ाकर 11.5 फीसदी कर दिया। साथ ही, Topline Securities ने FY27 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 4.0 फीसदी से घटाकर 2.5-3.0 फीसदी कर दिया है। IMF ने भी पाकिस्तान को निर्देश दिए हैं कि वह ईंधन सब्सिडी को सीमित रखे और बाजार के हिसाब से कीमतें तय करे।

एक और बड़ी खबर यह है कि ग्वादर फ्री जोन में काम करने वाली एक चीनी कंपनी ने अपना कारखाना बंद कर दिया है और सभी कर्मचारियों को निकाल दिया है। कंपनी ने इसका कारण खराब बिजनेस माहौल और भारी आर्थिक नुकसान बताया है।

विवरण आंकड़ा/अनुमान
अनुमानित महंगाई (Topline) 11% से अधिक
जीडीपी ग्रोथ FY27 (अनुमान) 2.5-3.0%
SBP पॉलिसी रेट 11.5%
साप्ताहिक तेल आयात बिल 800 मिलियन डॉलर
IMF महंगाई अनुमान (वर्तमान वर्ष) 7.2%
IMF जीडीपी अनुमान (वर्तमान वर्ष) 3.6%
कुल ऊर्जा आयात बिल 15 बिलियन डॉलर

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान में महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?

मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे पाकिस्तान का तेल आयात बिल बढ़ गया है और महंगाई 11 फीसदी के पार जाने की आशंका है।

IMF ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर क्या कहा है?

IMF ने वर्तमान वर्ष के लिए महंगाई 7.2% और ग्रोथ 3.6% रहने का अनुमान लगाया है, साथ ही पाकिस्तान को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और फ्यूल सब्सिडी कम करने की सलाह दी है।