पाकिस्तान सरकार अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए लगातार राजनयिक प्रयास कर रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि वे दोनों देशों को इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के दायरे में वापस लाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य होरमुज जलडमरूमध्य की स्थिति को सामान्य बनाना है।
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समझौते को लेकर चल रही है कोशिश
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि पाकिस्तान दोनों देशों से समझौते के तहत तकनीकी बातचीत जारी रखने की अपील कर रहा है। यह MoU जून 2026 में स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षरित हुआ था। इससे पहले अप्रैल 2026 में एक संघर्ष विराम समझौता हुआ था, जिसे बाद में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था। हालांकि, 8 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा संघर्ष विराम खत्म करने की घोषणा के बाद स्थिति फिर से गंभीर हो गई है।
क्षेत्रीय शांति के लिए कूटनीति पर जोर
पाकिस्तान और कतर के एक संयुक्त प्रस्ताव पर 26 जुलाई 2026 को अमेरिका और ईरान ने प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें ईरान ने बातचीत से हटने के बजाय उसे निलंबित करने का विकल्प चुना। पाकिस्तान का मानना है कि इस कठिन समय में बातचीत ही शांति का एकमात्र रास्ता है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद के बीच भी हाल ही में क्षेत्रीय शांति को लेकर चर्चा हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मध्य पूर्व में सुरक्षा की स्थिति अभी भी काफी नाजुक बनी हुई है।
