Iran-USA Dialogue: पाकिस्तान कराएगा ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत, Strait of Hormuz को लेकर बढ़ा तनाव
पाकिस्तान एक बार फिर दुनिया के बीच बड़े मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच पुराने झगड़ों को सुलझाने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत होने वाली है। हालांकि, समुद्र के रास्ते यानी Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों में अभी भी तकरार चल रही है, जिससे मामला उलझा हुआ है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या है विवाद और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को एक मेज पर लाने की कोशिश की है। इससे पहले 11-12 अप्रैल को भी इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी। ईरान के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि पाकिस्तान पर उन्हें भरोसा है, लेकिन अमेरिका पर नहीं। अब दोनों देश फिर से एक निर्णायक दौर की बातचीत के लिए इस्लामाबाद आने पर सहमत हुए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख Field Marshal Syed Asim Munir भी इस सिलसिले में तेहरान गए थे।
Strait of Hormuz और समुद्री रास्ते पर क्या चल रहा है?
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने 17 अप्रैल को ऐलान किया कि समुद्री रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि रास्ता तो खुला है, पर ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक परमाणु मुद्दे पर कोई समझौता नहीं हो जाता। इस पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि अब रास्ता सिर्फ ईरान की इजाजत और तय रूट से ही मिलेगा।
महत्वपूर्ण तारीखें और घटनाक्रम
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | लेबनान में 10 दिनों का युद्धविराम शुरू हुआ |
| 11-12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच पहली बातचीत हुई |
| 16 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने तेहरान का दौरा किया |
| 17 अप्रैल 2026 | Donald Trump और विदेश मंत्री Araghchi ने समुद्री रास्ते पर बयान दिए |
| 18 अप्रैल 2026 | ईरान के स्पीकर Ghalibaf ने अमेरिका के दावों को गलत बताया |