पाकिस्तान के 100 से ज्यादा शहरों में शुक्रवार को किसानों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। यह हंगामा International Day of Peasant Struggles के मौके पर पाकिस्तान किसान रबिता कमेटी (PKRC) के बुलावे पर हुआ। किसान सरकार की कॉरपोरेट खेती और ग्रीन पाकिस्तान इनिशिएटिव (GPI) जैसी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं।

किसान सरकार से क्यों नाराज हैं?

किसानों का कहना है कि सरकार खेती की जमीनें बड़ी कंपनियों को दे रही है, जिससे छोटे किसान बेघर हो जाएंगे। हासिलपुर जैसे इलाकों में किराए के किसानों को जमीन खाली करने के नोटिस मिले हैं। इसके अलावा, गेहूं की खरीद अब 11 निजी कंपनियों के जरिए हो रही है, जिसे किसान गलत मान रहे हैं। उनका आरोप है कि निजी कंपनियां उन्हें सही दाम नहीं देंगी।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

  • कॉरपोरेट खेती: इस पहल को तुरंत बंद किया जाए।
  • बेदखली नोटिस: किराए के किसानों को दिए गए नोटिस वापस लिए जाएं।
  • गेहूं का दाम: समर्थन मूल्य बढ़ाकर 4,000 रुपये प्रति मन किया जाए।
  • सरकारी खरीद: गेहूं की खरीद निजी कंपनियों से हटाकर फिर से सरकारी की जाए।

विरोध प्रदर्शन में शामिल मुख्य संगठन और नेता

संगठन या नेता मुख्य बात/बयान
PKRC देशव्यापी प्रदर्शन का आयोजन किया
Riffat Maqsood फसलों के दाम गिरने और लागत बढ़ने पर चिंता जताई
Tariq Mahmood इसे किसानों को बेदखल करने का प्रोजेक्ट बताया
Anjuman Mazareen Punjab जमीन बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार
Haqooq-e-Khalq Party 17 लाख एकड़ जमीन कॉरपोरेट को देने का विरोध किया
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.