सऊदी अरब में होने जा रहे हज को लेकर पाकिस्तान के प्रमुख धार्मिक संगठनों ने एक बहुत महत्वपूर्ण घोषणा की है। पाकिस्तान काउंसिल ऑफ उलेमा और दार अल-इफ्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना आधिकारिक परमिट के हज यात्रा करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और नाजायज है। इसके साथ ही हज के दौरान किसी भी प्रकार के हुड़दंग या बिना अनुमति के भीड़ इकट्ठा करने पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही गई है।
बिना वैध परमिट हज करने पर लगी रोक
पाकिस्तान काउंसिल ऑफ उलेमा के अध्यक्ष और दार अल-इफ्ता इन पाकिस्तान ने 24 मई 2026 को जारी किए गए अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि बिना परमिट के हज यात्रा पर जाना धार्मिक नियमों के तहत सही नहीं है। उन्होंने सभी मुस्लिम नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पूरा सम्मान करें और बिना आधिकारिक दस्तावेजों के हज यात्रा की योजना न बनाएं।
सुरक्षा बलों और गृह मंत्रालय के नियमों का पालन करना अनिवार्य
पाकिस्तानी धार्मिक निकायों ने अपने आधिकारिक बयान में जोर दिया है कि सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और वहां के सुरक्षा बलों द्वारा जारी किए गए सभी सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा हज यात्रा के दौरान आवाजें उठाना, दूसरे मुस्लिमों को परेशान करना या किसी भी तरह के अनधिकृत समूहों और सभाओं में भाग लेना पूरी तरह वर्जित है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिना वैध परमिट के हज करना संभव है?
पाकिस्तान काउंसिल ऑफ उलेमा और दार अल-इफ्ता के अनुसार, बिना वैध सरकारी परमिट के हज यात्रा करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और नाजायज है।
हज के दौरान किन गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है?
हज के दौरान आवाजें उठाने, दूसरे यात्रियों को परेशान करने या किसी भी प्रकार के अनधिकृत विरोध प्रदर्शनों और सभाओं में भाग लेने पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।