Pakistan Hajj Flight Update: पाकिस्तान की पहली हज फ्लाइट मदीना पहुँची, मक्का में एंट्री के लिए अब सिर्फ परमिट होगा जरूरी

पाकिस्तान से हज यात्रियों का सफर आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। 18 अप्रैल 2026 को पहली हज फ्लाइट मदीना एयरपोर्ट पहुँची, जिसके साथ ही साल 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सिलसिला शुरू हो गया। सऊदी सरकार ने इस बार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नियमों को काफी सख्त रखा है ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

पाकिस्तान की हज फ्लाइट्स और यात्रियों का पूरा हिसाब

पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 18 अप्रैल को तीन फ्लाइट्स के जरिए पहले 660 यात्री मदीना पहुँचे। इस बार की पूरी प्लानिंग को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित रखा गया है ताकि कमरों के आवंटन और अन्य सुविधाओं में कोई गलती न हो। यात्रियों के लिए आने वाले दिनों का पूरा विवरण नीचे दी गई टेबल में है।

विवरण जानकारी
कुल कोटा 1,79,210 यात्री
कुल फ्लाइट्स 468 उड़ानें
कुल समय 34 दिन
अंतिम तारीख 21 मई 2026
मदीना फ्लाइट्स शुरुआती 15 दिन तक
जेद्दा फ्लाइट्स 4 मई से शुरू
हाई-स्पीड रेलवे यात्री 25,000 से ज़्यादा

मक्का में एंट्री और उमराह वीज़ा के नए नियम

सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अब मक्का में सिर्फ वही लोग जा सकेंगे जिनके पास आधिकारिक हज परमिट है। 18 अप्रैल से मक्का में एंट्री की पाबंदी पूरी तरह लागू हो गई है। अब सिर्फ हज परमिट धारक, मक्का के निवासी और वहां के वर्क परमिट वाले लोग ही शहर में जा सकते हैं। बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।

इसके अलावा, जिन लोगों के पास उमराह वीज़ा था, उनके लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख 18 अप्रैल ही थी। सऊदी नागरिकों, GCC देशों के लोगों और अन्य वीज़ा धारकों के लिए उमराह परमिट भी 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक के लिए बंद कर दिए गए हैं।

यात्रियों के लिए क्या खास सुविधाएं दी गई हैं

हज 2026 को आसान बनाने के लिए कई डिजिटल सुविधाएं शुरू की गई हैं। यात्री अपनी फ्लाइट और एयरपोर्ट की जानकारी के लिए “Pak Hajj 2026” मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, लाहौर, इस्लामाबाद और कराची से जाने वाले लोग ‘मक्का रूट’ पहल का फायदा उठा सकते हैं, जिससे उन्हें सऊदी पहुंचने से पहले ही पाकिस्तान में इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी।

यह पूरी व्यवस्था सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिसका मकसद दुनिया भर से आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे ‘नुसुक’ के जरिए सफर को आसान करना है।