Red Sea में हूतियों की धमकी के बीच पाकिस्तान के दो टैंकर सुरक्षित निकले, सऊदी क्रूड लेकर जा रहे थे जहाज़

Praggya Singh sabal5 August 20262 min read60 viewsSaudi
Red Sea में हूतियों की धमकी के बीच पाकिस्तान के दो टैंकर सुरक्षित निकले, सऊदी क्रूड लेकर जा रहे थे जहाज़

लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव के बीच राहत की खबर सामने आई है। 5 अगस्त 2026 को एक समुद्री खुफिया कंपनी ने जानकारी दी कि पाकिस्तान के झंडे वाले दो तेल टैंकर सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुँच गए हैं। इन जहाजों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, जबकि क्षेत्र में यमन के हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर रखा है।

हूतियों की नाकेबंदी और सुरक्षा चुनौतियां

यमन के ईरान समर्थित हूतियों ने 20 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर इस समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की थी। हूतियों का कहना है कि वे सऊदी अरब से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएंगे और उन्होंने शिपिंग कंपनियों को सऊदी बंदरगाहों से दूर रहने की चेतावनी दी थी। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि यह कदम यमन में सऊदी नाकेबंदी और सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में उठाया गया है। 1 अगस्त को उन्होंने दावा किया कि आठ सऊदी तेल टैंकरों को बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से अपना रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

समुद्री सुरक्षा और गठबंधन का गठन

इस स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। 22 जुलाई 2026 को अमेरिका और पाकिस्तान ने जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई थी। अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1 अगस्त को सऊदी अरब समेत 14 देशों ने एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन बनाया है। इसका मुख्य उद्देश्य लाल सागर, बाब अल-मंडेब और गल्फ ऑफ अदन में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है।

वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य समेत पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। सुरक्षा के लिहाज से कई टैंकर अपने Automatic Identification System (AIS) का इस्तेमाल सतर्कता के लिए कर रहे हैं, ताकि वे सशस्त्र गार्ड्स या जहाज के झंडे की पहचान करा सकें। हालांकि, 3 अगस्त को रिपोर्ट मिली थी कि दो अन्य टैंकर अपने ट्रांसपोंडर बंद करके लाल सागर से निकले थे, लेकिन उनकी पहचान पाकिस्तान के टैंकरों के रूप में नहीं हुई है। इस पूरी घटना पर अधिक जानकारी के लिए Gulfhindi.com के साथ बने रहें ताकि आपको समुद्र में हो रही हर हलचल की ताजा जानकारी मिलती रहे।

Share:

Comments

Leave a comment