पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। Flood Forecasting Division (FFD) ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे में रावी और चिनाब नदियां मध्यम से उच्च स्तर की बाढ़ की स्थिति में पहुंच सकती हैं। लगातार हो रही बारिश और नालों के उफान के कारण शेखूपुरा, मुरीदके, गुजरांवाला और नारोवाल समेत लगभग 400 वर्ग किलोमीटर इलाके में पानी भर गया है।
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बाढ़ से भारी नुकसान और जनहानि
Provincial Disaster Management Authority (PDMA) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बारिश और जलजमाव से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत हुई है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। इस मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल 22 लोगों की जान जा चुकी है और 183 लोग घायल हुए हैं। कई घरों के ढहने और डूबने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। Balloki में रावी नदी का जलस्तर बढ़कर 87,000 cusecs तक पहुंच गया है।
प्रशासन की चेतावनी और स्थिति
National Disaster Management Authority (NDMA) ने लाहौर, सियालकोट और गुजरांवाला जैसे शहरों में शहरी बाढ़ की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें भारत द्वारा पानी छोड़े जाने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चिनाब नदी का जलस्तर जम्मू और आसपास के इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण बढ़ा है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है कि यह प्राकृतिक कारणों से हुआ है।
