पाकिस्तान में भूख और खाने की कमी का संकट बहुत गंभीर हो गया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में करीब 1.1 करोड़ लोगों के पास खाने की भारी किल्लत थी। जलवायु परिवर्तन और खराब मौसम की वजह से फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे आम जनता पर मुसीबत आ गई है।

🚨: GCC Countries Nursing Update: खाड़ी देशों में नर्सों की संख्या 4 लाख के पार, पिछले 10 साल में हुआ बड़ा इजाफा

पाकिस्तान में भूख की क्या स्थिति है और कितने लोग प्रभावित हैं?

UN की मदद से आई 2026 की ग्लोबल रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया के उन 10 देशों में शामिल है जहाँ भूख सबसे ज़्यादा है। डेटा के मुताबिक, 1.1 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। इनमें से 93 लाख लोग ‘क्राइसिस’ स्थिति में हैं, जबकि 17 लाख लोग ‘इमरजेंसी’ श्रेणी में आते हैं, जो अकाल जैसी स्थिति से ठीक एक स्तर नीचे है। यह जानकारी IPC स्केल के आधार पर सामने आई है।

इस संकट के मुख्य कारण क्या हैं और बच्चों पर क्या असर पड़ा है?

साल 2025 में हुई भारी बारिश और बाढ़ ने करीब 60 लाख लोगों को प्रभावित किया, जिससे फसलें और बुनियादी ढांचा तबाह हो गया। Save the Children के मुताबिक, 27 लाख से ज़्यादा 5 साल से कम उम्र के बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। सितंबर 2026 तक करीब 7 लाख बच्चों के गंभीर कुपोषण का शिकार होने का अनुमान है। साथ ही, साल 2025-26 में पाकिस्तान को 20 से 22 लाख टन गेहूं की कमी का सामना करना पड़ा है।

सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खाद्य सामग्री की सप्लाई और डिमांड की निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 26 मार्च 2026 को आदेश दिया कि ज़रूरत से ज़्यादा अनाज को Gulf देशों में एक्सपोर्ट किया जाए। वहीं, सरकार ने किसानों की मदद के लिए ‘Interim National Wheat Policy 2025-26’ लागू की है ताकि खेती को बढ़ावा दिया जा सके। हालांकि, विपक्षी पार्टी PTI ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया है।