पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने की कोशिशें सही रास्ते पर हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह राहत भरी खबर है क्योंकि क्षेत्र में शांति से सभी सुरक्षित रहते हैं। इस शांति मिशन में सऊदी अरब और तुर्की जैसे बड़े देश भी पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके।

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पाकिस्तान और ईरान के बीच बातचीत की ताज़ा स्थिति क्या है?

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने उन मीडिया रिपोर्टों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि बातचीत रुक गई है। उन्होंने साफ किया कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान की शांति कोशिशों की सराहना की है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है और उन्होंने कभी भी इस्लामाबाद आने से मना नहीं किया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान की इस बात का स्वागत किया है और इसे एक सकारात्मक कदम बताया है।

शांति प्रक्रिया को लेकर कौन सी मुख्य बातें सामने आई हैं?

इस पूरे मामले में कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियां और क्षेत्रीय देश मिलकर काम कर रहे हैं। शांति मिशन को मजबूत बनाने के लिए कुछ अहम कदम उठाए गए हैं जिन्हें नीचे देखा जा सकता है:

  • सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र ने पाकिस्तान के साथ मिलकर एक समूह बनाया है जो इस बातचीत को सफल बनाने में मदद कर रहा है।
  • ईरान ने विश्वास बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है।
  • चीन और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी पाकिस्तान की इस शांति पहल का समर्थन किया है।
  • पाकिस्तान का कहना है कि शांति के लिए केवल बातों से काम नहीं चलेगा बल्कि ठोस और लिखित गारंटी की जरूरत है।
  • ईरान ने साफ किया है कि वह युद्ध का स्थायी अंत चाहता है लेकिन अमेरिका की शर्तें सही होनी चाहिए।