पाकिस्तान में इस समय पेट्रोल और ईंधन का भारी संकट चल रहा है। 15-16 जुलाई 2026 तक देश के पास केवल 14 से 15 दिन के लिए ही पेट्रोल का स्टॉक बचा है। Oil Companies Advisory Council (OCAC) ने इसे लेकर सरकार को रेड अलर्ट जारी किया है। स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्री Ali Pervaiz Malik ने जनता से ईंधन का कम इस्तेमाल करने की अपील की है और साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतें सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं।
संकट का बड़ा कारण
ईंधन की कमी के पीछे कई तकनीकी और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर 66.7 बिलियन रुपये का बकाया है, जिससे वे नया ईंधन आयात करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा Customs WeBOC सिस्टम में देरी के कारण कई जरूरी कार्गो फंसे हुए हैं। जुलाई के पहले हिस्से में पेट्रोल की बिक्री भी उम्मीद से 16% ज्यादा रही क्योंकि लोग कीमतों में और बढ़ोतरी के डर से पहले ही तेल खरीद रहे हैं।
एलपीजी और सऊदी अरब से मदद की उम्मीद
केवल पेट्रोल ही नहीं, बल्कि LPG Importers Association of Pakistan ने भी चेतावनी दी है कि देश में एलपीजी की भारी किल्लत हो सकती है। सरकार ने इस ऊर्जा संकट से निपटने के लिए Saudi Arabia से 6.7 बिलियन डॉलर की रियायती तेल सुविधा के लिए मदद मांगी है, जिस पर 1% ब्याज दर और 15 साल की अवधि का प्रस्ताव रखा गया है।
