पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में भीषण गर्मी और पानी की भारी किल्लत ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हैदराबाद, लतीफाबाद और कासिमाबाद के इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई है। लोग इस मुश्किल घड़ी में बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

हैदराबाद में पानी का संकट क्यों बढ़ा

शहर में पानी की कमी का मुख्य कारण बुनियादी ढांचे का खराब होना और प्रशासन की विफलता बताया जा रहा है। इस संकट से जुड़ी कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:

  • पानी की जरूरत: हैदराबाद शहर को रोजाना 650 से 670 मिलियन गैलन पानी की जरूरत होती है, लेकिन Hyderabad Water and Sewerage Corporation (HW&SC) इसकी आधी सप्लाई भी नहीं कर पा रहा है।
  • पाइपलाइनों का नुकसान: पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों की वजह से हर दिन करीब 20 मिलियन गैलन पानी बर्बाद हो जाता है।
  • गंदा पानी: कई इलाकों में पाइपलाइनों से पहले साफ पानी आता है और फिर गंदा और बदबूदार पानी आने लगता है, जिससे जमा किया हुआ पानी भी बेकार हो जाता है।
  • महंगे विकल्प: सरकारी सप्लाई न होने की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगे प्राइवेट वॉटर टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

NDMA की चेतावनी और सरकारी निर्देश

National Disaster Management Authority (NDMA) ने दक्षिण और मध्य पाकिस्तान, जिसमें हैदराबाद भी शामिल है, के लिए 12 मई से 18 मई 2026 तक हीटवेव अलर्ट जारी किया था। इस दौरान प्रशासन को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए थे:

  • बचाव के उपाय: NDMA ने नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
  • प्रशासन की जिम्मेदारी: जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए थे कि वे कूलिंग सेंटर बनाएं और संवेदनशील इलाकों में पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करें।
  • उद्योगों पर असर: Hyderabad SITE Association of Trade and Industry (HSATI) ने चेतावनी दी है कि पानी की कमी से औद्योगिक उत्पादन खतरे में पड़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हैदराबाद में पानी की कितनी कमी है

शहर की दैनिक जरूरत 650-670 मिलियन गैलन है, लेकिन प्रशासन इसकी आधी सप्लाई भी नहीं कर पा रहा है और पुरानी पाइपलाइनों से रोज 20 मिलियन गैलन पानी बर्बाद होता है।

NDMA ने हीटवेव को लेकर क्या सलाह दी है

NDMA ने 12 से 18 मई 2026 तक अलर्ट जारी किया था। उन्होंने लोगों को हाइड्रेटेड रहने, अनावश्यक धूप से बचने और प्रशासन को कूलिंग सेंटर बनाने का निर्देश दिया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com