पाकिस्तान इस वक्त भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है और उसे International Monetary Fund (IMF) से मदद की सख्त जरूरत है। इस मदद को पाने के लिए IMF ने पाकिस्तान सरकार के सामने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। अब इन शर्तों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने अपने चारों प्रांतों को अगले साल के लिए अतिरिक्त टैक्स वसूलने का बड़ा टारगेट दिया है।

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प्रांतों के लिए टैक्स वसूली का नया टारगेट क्या है?

पाकिस्तान सरकार ने अपने प्रांतीय प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे अगले वित्त वर्ष (FY2026-27) में 400 अरब रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त टैक्स जमा करें। यह कदम देश की वित्तीय हालत सुधारने और IMF के प्रोग्राम को जारी रखने के लिए उठाया गया है। टैक्स वसूली को बढ़ाने के लिए Federal Board of Revenue (FBR) अब प्रांतों के साथ इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स का डेटा साझा करेगा ताकि टैक्स चोरी रोकने में मदद मिल सके।

टैक्स वसूली का पूरा ब्योरा नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

संस्था/प्रांत टैक्स वसूली का लक्ष्य (PKR)
Sindh करीब 200 अरब रुपये
Punjab करीब 175 अरब रुपये
Khyber Pakhtunkhwa (K-P) करीब 45 अरब रुपये
Balochistan करीब 20 अरब रुपये
Federal Government करीब 700 अरब रुपये
कुल मिलाकर लक्ष्य 1.1 ट्रिलियन रुपये से अधिक

IMF की शर्तें और सरकार की रणनीति क्या है?

IMF ने शर्त रखी है कि पाकिस्तान के प्रांतों को अपनी Gross Domestic Product (GDP) के 0.3% के बराबर टैक्स बढ़ाना होगा। वहीं, केंद्र सरकार ने IMF को भरोसा दिया है कि वह अगले वित्त वर्ष में GDP के 2% यानी करीब 2.8 ट्रिलियन रुपये का प्राइमरी बजट सरप्लस हासिल करेगी।

वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb ने प्रांतीय वित्त मंत्रियों के साथ मीटिंग में साफ किया कि अब टैक्स का दायरा बढ़ाना होगा। सरकार मुख्य रूप से इन तीन क्षेत्रों पर फोकस करेगी:

  • प्रॉपर्टी टैक्स: संपत्तियों से टैक्स की वसूली को और सख्त किया जाएगा।
  • सर्विसेज GST: सेवाओं पर लगने वाले गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के दायरे को बढ़ाया जाएगा।
  • खेती की कमाई: एग्रीकल्चर इनकम टैक्स की वसूली के तरीकों में सुधार किया जाएगा।

इसके अलावा, प्रांतों को केंद्र सरकार को GDP के 1.4% के बराबर कैश सरप्लस देना होगा, जो अगले साल करीब 2 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

IMF ने पाकिस्तान के लिए टैक्स को लेकर क्या शर्त रखी है?

IMF ने शर्त रखी है कि प्रांतों को GDP का 0.3% अतिरिक्त टैक्स जुटाना होगा और केंद्र सरकार को 2.8 ट्रिलियन रुपये का प्राथमिक बजट अधिशेष (Primary Budget Surplus) हासिल करना होगा।

पाकिस्तान सरकार किन क्षेत्रों से ज्यादा टैक्स वसूलने की योजना बना रही है?

सरकार मुख्य रूप से एग्रीकल्चर इनकम टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स और सर्विसेज पर GST के दायरे को बढ़ाकर अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है।