खाड़ी देशों में चल रहे तनाव का असर अब पाकिस्तान की जनता पर भी सीधा पड़ने लगा है। ईरान और इसराइल के बीच जारी हमलों के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर इस्लामाबाद और रियाद के बीच उच्च स्तरीय बैठकें शुरू हो गई हैं, जिसमें दोनों देशों ने अपने पुराने रक्षा समझौतों पर चर्चा की है।

सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई?

सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने 7 मार्च को पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ एक अहम बैठक की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच सितंबर 2025 में हुए ‘ज्वाइंट स्ट्रैटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट’ (SMDA) को लेकर चर्चा की गई। इस समझौते के तहत यह नियम है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा।

पाकिस्तान इस समय बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री से बात करके उनसे सऊदी अरब या अन्य खाड़ी देशों को निशाना न बनाने की अपील की है। पाकिस्तान ने साफ किया है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देगा, लेकिन रियाद के साथ अपनी दोस्ती और सुरक्षा वादे भी निभाएगा।

पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल और आम आदमी पर असर

युद्ध के हालात को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने 7 मार्च से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ‘पेट्रोल बम’ फोड़ते हुए 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। सरकार का कहना है कि अगर ईंधन का भंडार और कम हुआ तो वर्क फ्रॉम होम जैसे नियम भी लागू किए जा सकते हैं। अभी देश के पास केवल 28 दिनों का ईंधन बचा है।

नीचे दी गई लिस्ट में नई कीमतें देख सकते हैं:

ईंधन नई कीमत (प्रति लीटर)
पेट्रोल 321.17 रुपये
हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये

दुबई और खाड़ी देशों में सुरक्षा का ताज़ा हाल

दुबई और मनामा (बहरीन) में धमाकों की खबरें आई हैं, जिसके बाद वहां रहने वाले प्रवासी कामगारों में चिंता बढ़ गई है। आबू धाबी में हुए एक मिसाइल हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत की पुष्टि भी हुई है। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हुआ तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है, जो अभी 100 डॉलर के करीब है।

सऊदी अरब के लिए पाकिस्तान ने अपनी फ्लाइट्स पूरी तरह चालू रखी हैं, लेकिन बाकी खाड़ी देशों के लिए सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित हैं। सऊदी में करीब 25 लाख पाकिस्तानी रहते हैं, जबकि ईरान में फंसे 33,000 और कतर में 1,400 पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर भी सरकार चिंतित है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com