Pakistan Inflation: पाकिस्तान में महंगाई का संकट, अप्रैल 2026 तक बढ़ेंगे दाम, बिजली और पेट्रोल ने आम आदमी की कमर तोड़ी
पाकिस्तान के आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। देश में महंगाई की दर अप्रैल 2026 तक डबल डिजिट में रहने का अनुमान है। बिजली और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। इस वजह से ज़रूरी सामान और दवाइयों के दाम आसमान छू रहे हैं और आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है।
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बिजली और पेट्रोल के दाम बढ़ने से क्या होगा असर?
एनर्जी महंगाई अप्रैल 2026 तक करीब 30% तक पहुँच सकती है। NEPRA ने फरवरी 2026 के लिए बिजली टैरिफ में 1.42 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की मंजूरी दी थी, जिसका पैसा अप्रैल के बिलों में लिया जा रहा है। पेट्रोल महंगा होने से दवाइयों और खाने-पीने की चीज़ों के दाम बढ़ गए हैं। इंसुलिन जैसी ज़रूरी दवाओं के दाम काफी बढ़ गए हैं, जिससे गरीब लोगों के लिए इलाज कराना मुश्किल हो गया है।
महंगाई के आंकड़े और सरकार की तैयारी क्या है?
Pakistan Bureau of Statistics (PBS) के मुताबिक मार्च 2026 में महंगाई दर 7.3% रही, जो फरवरी में 7% थी। State Bank of Pakistan (SBP) ने अपनी पॉलिसी रेट 10.5% पर बरकरार रखा है। Optimus Capital के मुताबिक कोर इन्फ्लेशन करीब 10% रहने की उम्मीद है। इसके अलावा 2026 के बीच में एल नीनो (El Niño) के कारण फसलों और पानी की किल्लत हो सकती है, जिससे खाने की चीज़ें और महंगी होंगी।
| विवरण | आंकड़ा / अनुमान |
|---|---|
| अप्रैल 2026 अनुमानित महंगाई (NCPI) | लगभग 10% |
| अप्रैल 2026 अनुमानित एनर्जी महंगाई | लगभग 30% |
| मार्च 2026 की महंगाई दर (CPI) | 7.3% |
| SBP पॉलिसी रेट | 10.5% |
| अनुमानित कोर इन्फ्लेशन | लगभग 10% |
| बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी (NEPRA) | 1.42 रुपये प्रति यूनिट |
| चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीने की औसत महंगाई | 5.7% |