पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए शनिवार, 6 जून 2026 को तेहरान पहुंच चुके हैं। वह पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व का एक बेहद खास संदेश लेकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान लगातार मध्यस्थता की कोशिशों में जुटा हुआ है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के तेहरान दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी का यह दौरा ईरान और अमेरिका के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कोशिश है। इस दौरे के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- नए प्रस्तावों पर चर्चा: नकवी दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू करने और एक अस्थायी समझौता (Temporary Deal) कराने के लिए कुछ नए प्रस्ताव लेकर पहुंचे हैं।
- नेतृत्व का खास संदेश: वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक विशेष संदेश ईरान के सुप्रीम लीडर तक पहुंचाएंगे।
- लगातार तीसरा दौरा: पिछले कुछ हफ्तों में मध्यस्थता के प्रयासों के तहत मोहसिन नकवी का यह तीसरा ईरान दौरा है। तेहरान आने से पहले उन्होंने किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ बैठक के दौरान ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से भी मुलाकात की थी।
क्या $24 Billion के फंड रिलीज होने से बनेगी बात?
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते को लेकर कुछ बड़ी शर्तें और कूटनीतिक बातें सामने आई हैं:
- ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसन रजाई ने संकेत दिया है कि कोई भी संभावित शांति समझौता इस बात पर निर्भर करेगा कि ट्रंप प्रशासन विदेश में ब्लॉक किए गए ईरान के $24 Billion (24 अरब डॉलर) के फंड को रिलीज करने के लिए तैयार होता है या नहीं।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने पहले कहा था कि अमेरिका के साथ बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है।
- इस बीच, ईरानी गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान द्वारा निभाई जा रही सक्रिय भूमिका के लिए आभार जताया है।
इस मध्यस्थता की शुरुआत कब और कैसे हुई?
इस पूरे मामले की शुरुआत और अब तक के घटनाक्रम को इस तरह समझा जा सकता है:
- यह क्षेत्रीय संकट इस साल 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की थी।
- 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए दोनों पक्षों के बीच एक अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) कराया गया था।
- हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और विदेशों में फ्रीज किए गए फंड जैसे मुद्दों पर आकर बातचीत अटक गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू करने की कोशिश की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान जाने से पहले किससे मुलाकात की थी?
तेहरान पहुंचने से पहले, मोहसिन नकवी ने 5 जून 2026 को बिश्केक (किर्गिस्तान) में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के गृह मंत्रियों की बैठक के दौरान अपने ईरानी समकक्ष एस्कंदर मोमेनी से दो बार मुलाकात की थी।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में सबसे बड़ा रोड़ा क्या है?
बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट ईरान का परमाणु कार्यक्रम और विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड हैं। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके 24 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को रिलीज करे।
