पाकिस्तान और ईरान के बीच रिश्तों को सुधारने और इलाके में शांति लाने के लिए बड़ी हलचल हुई है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बात की है. इस बातचीत में पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और ईरान के बीच एक निष्पक्ष मध्यस्थ के तौर पर पेश किया है ताकि तनाव को कम किया जा सके.
शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन की बातचीत में क्या हुआ?
25 अप्रैल 2026 को हुई इस फोन कॉल में करीब 45 मिनट तक चर्चा हुई. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन को बताया कि पाकिस्तान अमेरिका, खाड़ी देशों और अन्य मुस्लिम देशों के साथ संपर्क बना रहा है. इसका मकसद इलाके में शांति लाना और बातचीत का रास्ता खोलना है. पीएम शरीफ ने ईरान के राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
अमेरिका और ईरान की बातचीत पर डोनाल्ड ट्रम्प का क्या फैसला है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान भेजे जाने वाले अपने विशेष दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की यात्रा रद्द कर दी है. ट्रम्प ने साफ कहा कि ईरान जब चाहे उनसे संपर्क कर सकता है. इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान में अधिकारियों के साथ बातचीत करने के बाद वापस लौट गए हैं. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत नहीं करेगा और पाकिस्तानी अधिकारी ही बीच का रास्ता निकालने का काम करेंगे.
ईरान और पाकिस्तान के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?
- पाकिस्तान ने ईरान पर हुए इजराइली हमलों की निंदा की और ईरान के लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई.
- ईरान के विदेश मंत्रालय ने मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया है.
- ईरान और अमेरिका के बीच अप्रैल 2026 की शुरुआत में एक युद्धविराम हुआ था, जिससे फरवरी से चल रही दुश्मनी पर रोक लगी थी.
- ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अपने देश के नागरिकों से बिजली और ऊर्जा बचाने की अपील की है क्योंकि विदेशी ताकतों ने उनके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है.