पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच इस्लामाबाद में एक अहम मुलाकात हुई। यह बैठक शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को हुई और करीब दो घंटे तक चली। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य दुनिया के मौजूदा तनावपूर्ण हालातों और दोनों देशों के आपसी रिश्तों को बेहतर बनाना था।

पाकिस्तान और ईरान की इस मीटिंग में किन बातों पर चर्चा हुई?

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस मुलाकात को बहुत गर्मजोशी भरा और cordial बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय स्थिति को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। बैठक के दौरान पाकिस्तान और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने पर भी बात की गई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार रात पाकिस्तान पहुँचे थे और शनिवार को ही अपनी टीम के साथ वापस लौट गए।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने में पाकिस्तान का क्या रोल है?

  • सीधी बातचीत से इनकार: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने साफ़ किया कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं होगी।
  • मध्यस्थ की भूमिका: ईरान ने अपनी माँगें पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंपी हैं ताकि वे इसे अमेरिका तक पहुँचा सकें। पाकिस्तान यहाँ एक दूत की तरह काम कर रहा है।
  • अमेरिकी दूतों का दौरा: व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शनिवार सुबह पाकिस्तान पहुँचे ताकि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की जा सके।
  • आर्मी चीफ की तारीफ़: ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने युद्ध रोकने और सीज़फ़ायर कराने की कोशिशों के लिए पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की सराहना की।