दुनिया की नज़रें इस समय ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर टिकी हैं। इस बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बीच-बचाव की ज़िम्मेदारी उठाई है। पाकिस्तानी गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने तेहरान का दौरा किया और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की ताकि युद्ध को रोका जा सके और क्षेत्र में शांति लाई जा सके।

पाकिस्तान और ईरान की मुलाकातों में क्या चर्चा हुई

पाकिस्तानी गृह मंत्री Mohsin Naqvi एक ही हफ्ते में दो बार तेहरान गए। गुरुवार 21 मई 2026 को उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की। इससे पहले सोमवार को भी उनकी तेहरान यात्रा हुई थी जिसमें उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और गृह मंत्री Eskandar Momeni से बात की थी। यह बताया गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir भी जल्द ही तेहरान जा सकते हैं ताकि शांति वार्ता को आगे बढ़ाया जा सके।

शांति समझौते के लिए क्या शर्तें और दावे सामने आए हैं

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान संदेशवाहक का काम कर रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान ने पाकिस्तान के ज़रिए एक 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है जिसका मकसद भरोसा बनाना और संघर्ष को खत्म करना है।
  • ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उन्हें अमेरिका के विचार मिले हैं और वे उनकी समीक्षा कर रहे हैं।
  • ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि वे सम्मान के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं क्योंकि युद्ध के बजाय कूटनीति ज़्यादा सुरक्षित रास्ता है।
  • दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शांति समझौते के लिए कुछ दिनों की समय सीमा तय की है और चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हमले फिर से शुरू हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच क्या भूमिका निभा रहा है?

पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच संदेश पहुँचाने और मध्यस्थता करने का काम कर रहा है ताकि युद्ध रुके और एक स्थायी युद्धविराम हो सके।

ईरान का अमेरिका के प्रति क्या नज़रिया है?

ईरान अमेरिका के पिछले वादों पर शक करता है लेकिन वह युद्ध खत्म करने के लिए सम्मानजनक बातचीत के रास्ते खुला रखना चाहता है।