अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बड़ी बातचीत की खबरें आई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने ईरानी अधिकारियों को सुरक्षित लाने के लिए हवाई सुरक्षा दी थी। हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने अब इन सभी दावों को खारिज कर दिया है और मीटिंग पर रोक लगा दी है।

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क्या था पाकिस्तानी जेट्स का पूरा मामला?

खबरों के मुताबिक 9 और 10 अप्रैल को पाकिस्तानी वायुसेना के JF-17, F-16 और J-10C विमानों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को सुरक्षा दी। यह सुरक्षा ईरान के बंदर अब्बास से लेकर पाकिस्तान की सीमा तक रही। इसका मकसद इजराइल के किसी भी संभावित हमले से अधिकारियों को बचाना था, हालांकि पाकिस्तान या ईरान की सरकार ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

ईरान ने इन रिपोर्टों को क्यों नकारा?

ईरान की सरकारी मीडिया जैसे Press TV और Tasnim News Agency ने साफ कहा कि उनके कोई भी बड़े अधिकारी पाकिस्तान नहीं गए हैं। उन्होंने बताया कि मोहम्मद बागेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची देश में ही हैं। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में ceasefire लागू नहीं होता और इजराइल हमले बंद नहीं करता, तब तक बातचीत रुकी रहेगी।

इस्लामाबाद में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे?

इस बैठक के लिए इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा की गई थी। Serena Hotel को पूरी तरह से कब्जे में ले लिया गया और आसपास की 3 किलोमीटर सड़क बंद कर दी गई थी। बैठक की तैयारी के लिए अमेरिकी टीम के मुख्य सदस्यों की सूची नीचे दी गई है:

नाम पद
JD Vance उपराष्ट्रपति
Steve Witkoff स्पेशल एनवॉय
Jared Kushner प्रतिनिधि
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.